शनिवार, 28 फ़रवरी 2009

उसे बाप ने बना दिया झुग्गी में जीरो

घर लौटा स्लमडॉग का तारा यंग जमाल
उसे पिता ने पीटकर लाल कर दिए गाल
लाल कर दिए गाल , पुत्र की हुई धुनाई
किंतु न उसका दर्द किसी को पड़ा सुनाई
दिव्यदृष्टि जो दुनिया में कहलाए हीरो
उसे बाप ने बना दिया झुग्गी में जीरो

3 टिप्‍पणियां:

आशीष कुमार 'अंशु' ने कहा…

यह कथा कहाँ से जुटाई?

अनिल कान्त : ने कहा…

यह कथा कुछ समझ ना आई ....कहाँ से है ये जुटाई ...


मेरी कलम -मेरी अभिव्यक्ति

नितिन व्यास ने कहा…

ये रही खबर!!

यह मैं हूं

यह मैं हूं

ब्लॉग आर्काइव