गुरुवार, 30 अक्तूबर 2008

जिस कंगारू ने किया गौतम को हैरान

जिस कंगारू ने किया गौतम को हैरान
उसके कम खींचे गए रेफरी द्वारा कान
रेफरी द्वारा कान, सिर्फ कम हुई दिहाड़ी
हुआ टेस्ट से दूर मगर 'गंभीर' खिलाड़ी
दिव्यदृष्टि यदि सख्त सज़ा पा जाते गोरे
दोहराते फिर नहीं छिछोरी हरकत छोरे

महाराष्ट्र के लोग समझ लें इसको भाई

करते हैं जो शिवाजी का पूरा सम्मान
वे कतई लेते नहीं निर्दोषों की जान
निर्दोषों की जान, नसीहत प्यारी मानें
महापुरुष का नाम नहीं कीचड़ में सानें
दिव्यदृष्टि वरना होगी उनकी रुसवाई
महाराष्ट्र के लोग समझ लें इसको भाई

मोहन बैठे मौन देश दुख झेल रहा है

झेल रहा है देश दुख मोहन बैठे मौन
फिर नफरत के नाग का फन कुचलेगा कौन
फन कुचलेगा कौन सोनिया जी बतलाएं
निरपराध मजदूर कब तलक मारे जाएं
असम परिस्थिति विषम प्रशासन फेल रहा है
मोहन बैठे मौन देश दुख झेल रहा है

शनिवार, 25 अक्तूबर 2008

करें न ऐसा काम कुछ रुष्ट बिहारी मित्र

करें न ऐसा काम कुछ रुष्ट बिहारी मित्र
रेल यात्री की दशा जिससे बने विचित्र
जिससे बने विचित्र , राह में छूटें ' अपने '
मने नहीं त्यौहार ' वतन ' में टूटें सपने
दिव्यदृष्टि हो जाय व्यर्थ अपनों का पैसा
रुष्ट बिहारी मित्र काम कुछ करें न ऐसा

शुक्रवार, 24 अक्तूबर 2008

नहीं सचिन से बढ़कर कोई जग में सच्चा

करे नहीं मेहमान से जो अच्छा व्यवहार
नुक्ताचीनी का उसे नहीं तनिक अधिकार
नहीं तनिक अधिकार , जरा सच्चाई आंकें
गिरेबान गिलक्रिस्ट आप अपना तो झांकें
दिव्यदृष्टि यह तथ्य जानता है हर बच्चा
नहीं सचिन से बढ़कर कोई जग में सच्चा

शेयर का बाजार जा रहा तल में पल-पल

पल-पल तल में जा रहा शेयर का बाजार
अभी उबरने के नहीं दीख रहे आसार
दीख रहे आसार, इसलिए मेरी सुनिए
अफरातफरी छोड़ चैन चौतरफा चुनिए
दिव्यदृष्टि बढ़ रहा रोज मंदी का दलदल
शेयर का बाजार जा रहा तल में पल-पल

बुधवार, 22 अक्तूबर 2008

छोड़ दिया है बाइज्जत नफरत का बंदर

नुक्ताचीनी का हुआ ढाबा ज्यों ही गर्म
निभा दिया सरकार ने राज-काज का धर्म
राज-काज का धर्म रात भर करके अंदर
छोड़ दिया है बाइज्जत नफरत का बंदर
दिव्यदृष्टि अब कितना ही उत्पात मचाए
फिर भी उसको पुलिस न कतई हाथ लगाए

सोमवार, 20 अक्तूबर 2008

हुई करारी हार बहुत रोए कंगारू

कंगारू रोए बहुत हुई करारी हार
याद रहे ताज़िंदगी उनको ऐसी मार
उनको ऐसी मार, हुआ है दूभर जीना
फेल हो गए ग्रेग खूब आ रहा पसीना
टीम इंडिया दिखलाई करतब संहारू
हुई करारी हार बहुत रोए कंगारू

महाराष्ट्र में कर रही नफरत का निर्माण

महाराष्ट्र में कर रही नफरत का निर्माण
सेना गुंडा राज की हो कैसे कल्याण
हो कैसे कल्याण, लोग रोते-पछताते
राजद मुखिया लालू मेंटल केस बताते
दिव्यदृष्टि चल गई अगर बदले की लाठी
बच पाएं किस भांति हमारे मित्र मराठी

कंगारू की कनपटी सौरभ ने की लाल

कंगारू की कनपटी सौरभ ने की लाल
रोए रिकी पॉन्टिंग चली न कोई चाल
चली न कोई चाल फेल सारे हथकंडे
रन बरसा कर गाड़ दिए धोनी ने झंडे
' दिव्यदृष्टि ' जाते-जाते बढ़ रही अमीरी
वाह-वाह क्या खूब चली है दादागीरी

शुक्रवार, 17 अक्तूबर 2008

हो प्रसन्न सब पायलट नाच रहे भरपूर

मुग्ध हुईं नभनारियां मुदित हुए मजदूर
हो प्रसन्न सब पायलट नाच रहे भरपूर
नाच रहे भरपूर, उदासी सिर से भागी
भला करें भगवान आत्मा उनकी जागी
दिव्यदृष्टि तू 'राज' काज के देख नजारे
हो गोयल भयभीत राह पर आए प्यारे

गुरुवार, 16 अक्तूबर 2008

नन्हे-मुन्ने ने किया टेस्ट क्रिकेट में टॉप

नन्हे-मुन्ने ने किया टेस्ट क्रिकेट में टॉप
बड़े-बड़ों पर सचिन ने छोड़ी अपनी छाप
छोड़ी अपनी छाप , प्रशंसक नाचे जम कर
लगे देखने लोग करिश्मा उनका थम कर
दिव्यदृष्टि यह घड़ी मुबारक आखिर आई
दुनिया करे सलाम भेजकर थोक बधाई

बुधवार, 15 अक्तूबर 2008

निवेशकों में मच रहा भारी हाहाकार

दुनिया भर में गिर रहे शेयर के बाजार
निवेशकों में मच रहा भारी हाहाकार
भारी हाहाकार , भाप बन गया रुपैया
दरक रही ' दीनार ' डूबती ' डालर ' नैया
दिव्यदृष्टि इसलिए करें कविताई घर में
शेयर के बाजार गिर रहे दुनिया भर में

गए इलेक्शन मोड में सूबे पूरे पांच

गए इलेक्शन मोड में सूबे पूरे पांच
मतदाता अब करेंगे नेताओं की जांच
नेताओं की जांच, मने किसकी दीवाली
झोली किसकी भरे कौन झेले कंगाली
दिव्यदृष्टि सब हाल आपको बतलाएगा
सभी पाठकों से अपनापन जतलाएगा

मंगलवार, 14 अक्तूबर 2008

बेशर्मी से दे रहे फिर भी मधुर दलील

सच्चाई के नाम पर दृश्य भरे अश्लील
बेशर्मी से दे रहे फिर भी मधुर दलील
फिर भी मधुर दलील दिखाएं ऐसा फैशन
बिगड़ें जिससे बाल नशे का छाए पैशन
दिव्यदृष्टि संकेत नहीं यह अच्छाई के
दृश्य भरे अश्लील नाम पर सच्चाई के।

सोमवार, 13 अक्तूबर 2008

दिखा नहीं पाए सचिन करतब कोई खास

किस्मत धोखा दे गई हुई न पूरी आस
दिखा नहीं पाए सचिन करतब कोई खास
करतब कोई खास रह गए जरा अभागे
निकल न पाए , इसीलिए लारा से आगे
पाते-पाते लक्ष्य बंद हो गया झरोखा
हुई न पूरी आस दे गई किस्मत धोखा

शुक्रवार, 10 अक्तूबर 2008

कांग्रेस में फील गुड बीजेपी में बैड

कांग्रेस में फील गुड बीजेपी में बैड
बाएं बाजू के सभी कामरेड हैं सैड
कामरेड हैं सैड, कर रहे कानन रोदन
हुई ऐटमी डील मुदित दीखें मनमोहन
दिव्यदृष्टि तू छोड़ नजरिया प्यारे शक्की
बिजली पाकर देश करेगा खूब तरक्की

बूढ़ा है तो क्या हुआ, है तो आखिर शेर

बूढ़ा है तो क्या हुआ, है तो आखिर शेर
बड़े मेमनों को अभी, कर सकता है ढेर
कर सकता है ढेर, उसे हल्के मत लेना
है काबू में अब भी उसकी अपनी सेना
दिव्यदृष्टि जब पड़े 'सामना' उससे प्यारे
छुटभैयों को दिन में भी दीखेंगे तारे

गुरुवार, 9 अक्तूबर 2008

किंग खान इसलिए करेंगे बिजनेस मोटा

आईपीएल में नहीं कर पाए कुछ खास
बॉलिवुड भी आजकल नहीं आ रहा रास
नहीं आ रहा रास , पास फिल्मों का टोटा
किंग खान इसलिए करेंगे बिजनेस मोटा
दिव्यदृष्टि मुम्बई उन्हें अब लगती डर्टी
अत: शाह रुख दुबई में बेचें प्रॉपर्टी

मंगलवार, 7 अक्तूबर 2008

मान सहित मैदान करेंगे खाली दादा

भरी जवानी में लिया क्रिकेट से संन्यास
अपने सौरव गांगुली प्लेयर निकले खास
प्लेयर निकले खास, जताया नेक इरादा
मान सहित मैदान करेंगे खाली दादा
दिव्यदृष्टि रणनीति चली समझौतावादी
बूझ बोर्ड की मंशा उस पर मुहर लगा दी

भाया 'नैनो' को बहुत मोदी का गुजरात

टाटा की सिंगुर में बनी नहीं जब बात
भाया ' नैनो ' को बहुत मोदी का गुजरात
मोदी का गुजरात , जहां जन्मे थे गांधी
वहां चले सानंद शांति संपति की आंधी
' दिव्यदृष्टि ' दिन-रात बहे दौलत का दरिया
भूल गोधरा लोग बनाएं नया नज़रिया

सोमवार, 6 अक्तूबर 2008

शर्मा का बलिदान कहें फर्जी जजबाती

धीरे-धीरे हो रहा साफ सियासी फ्रेम
दीखा दिल्ली में अमर वोट जुटाऊ प्रेम
वोट जुटाऊ प्रेम , पीटते बरबस छाती
शर्मा का बलिदान कहें फर्जी जजबाती
जारी किए बयान जामिया तीरे-तीरे
साफ सियासी फ्रेम हो रहा धीरे-धीरे

शुक्रवार, 3 अक्तूबर 2008

मजबूरन टाटा कहे बाय-बाय बंगाल

मजबूरन टाटा कहे बाय-बाय बंगाल
नैनो की खातिर रहे नई जगह खंगाल
नई जगह खंगाल, निमंत्रण काफी पाए
चुनें नहीं वह प्रांत जहां हों सनकी साए
दिव्यदृष्टि सह गए रतन अरबों का घाटा
बाय-बाय बंगाल कहे मजबूरन टाटा
ममता के उन्माद ने किया उन्हें मजबूर
इसीलिए टाटा रतन छोड़ चले सिंगूर
छोड़ चले सिंगूर, हृदय में पीड़ा भारी
करे तुषारापात नित्य नखरीली नारी
दिव्यदृष्टि जो सूबा तोड़े नन्हा सपना
उसे भला कैसे बतलाए नैनो अपना

सौरभ, राहुल, सचिन रास्ता छोड़ें भाई

बहुत कर चुके हैं कृपा हम पर माई-बाप
मान सहित मैदान से घर जाएं अब आप
घर जाएं अब आप, कहे बीसीसीआई
सौरभ, राहुल, सचिन रास्ता छोड़ें भाई
दिव्यदृष्टि कम काम करे कुंबले का कंधा
अत: कहें अलविदा खोज लें दीगर धंधा।

गुरुवार, 2 अक्तूबर 2008

60 साल में आज़ादी की यही कमाई

युवा टीम के साथ वो पहुंचे राजस्थान
जहां नज़र आए उन्हें दो-दो हिंदुस्तान
दो-दो हिंदुस्तान, एक में बरसे सोना
है दूजा बेहाल, अन्न को तरसे दोना
दिव्यदृष्टि यह दशा अचानक हुई न भाई
60 साल में आज़ादी की यही कमाई

यही सोचकर मिट्टी ढोएं राहुल गांधी

एक तरफ बहुमंजिला बिल्डिंग आलीशान
वहीं, दूसरी ओर हैं टूटे हुए मकान
टूटे हुए मकान गरीबी जिनसे झांके
गुरबत का दुख-दर्द कदाचित कोई आंके
दिव्यदृष्टि इक रोज़ प्रगति की आए आंधी
यही सोचकर मिट्टी ढोएं राहुल गांधी

बुधवार, 1 अक्तूबर 2008

नैतिकता को त्याग तब डाकू बने जवान

एमपी बनने का उठा जब मन में अरमान
नैतिकता को त्याग तब डाकू बने जवान
डाकू बने जवान , विजय की इच्छा पाले
धन संग्रह के लिए बैंक में डाका डाले
दिव्यदृष्टि पकड़े जाने पर हुआ खुलासा
लगी हथकड़ी हाथ पड़ गया उलटा पासा

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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