शनिवार, 30 मई 2009

नहीं चाहिए उनसे कोई 'सनद' मिठाई

जारी है जिस देश में नस्लभेद की व्याधि
बिगबी उससे लें नहीं मानद एक उपाधि
मानद एक उपाधि, इसे कंगारू सुन लें
उत्तम होगा यही प्रेम पथ फौरन चुन लें
दिव्यदृष्टि तुलबा की जो कर रहे पिटाई
नहीं चाहिए उनसे कोई 'सनद' मिठाई

शुक्रवार, 29 मई 2009

समझ नहीं पायें मन्नू के तर्क अजूबे

ले-देकर लो बन गई सतरंगी सरकार
कम मंत्री पाए मगर यूपी और बिहार
यूपी और बिहार, बड़े ही दोनों सूबे
समझ नहीं पायें मन्नू के तर्क अजूबे
दिव्यदृष्टि जिनकी थी ज्यादा दावेदारी
आज हो गए लुप्त वही उत्तराधिकारी

नस्लभेद के हो रहे स्टूडेंट शिकार

नस्लभेद के हो रहे स्टूडेंट शिकार
जारी है परदेस में उन पर अत्याचार
उन पर अत्याचार, मार खाते बेचारे
धरे हाथ पर हाथ मगर बैठे हरकारे
दिव्यदृष्टि मनमोहन रोकें दुष्ट दुधारी
छात्र-छात्रा करें फजीहत वरना भारी

गुरुवार, 28 मई 2009

मंत्री की भरमार जेब पर बोझ बढ़ेगा

एक तरफ तो देश में है मंदी की मार
किंतु दूसरी तरफ है मंत्री की भरमार
मंत्री की भरमार जेब पर बोझ बढ़ेगा
आम आदमी का पारा दिनरात चढ़ेगा
दिव्यदृष्टि बेकाबू हो बेशक महंगाई
मन्नूभाई को फिर भी दे थोक बधाई

सोमवार, 25 मई 2009

दोनों ग्वाले आजकल दीख रहे मायूस

दोनों ग्वाले आजकल दीख रहे मायूस
मनमोहन को लग रहे दोनों ही मनहूस
दोनों ही मनहूस मुलायम लालू शातिर
बिन मांगे दे रहे समर्थन कुर्सी खातिर
दिव्यदृष्टि राहुल का मन पहले ही खट्टा
ऐसे में अब कौन पिलाये उनको मट्ठा

शनिवार, 23 मई 2009

रन बरसा कर खूब बन गए गिल्ली नाहर

लीग मैच में तो रही अव्वल दिल्ली टीम
सेमी में लेकिन गई डक्कन उसको जीम
डक्कन उसको जीम किया मैदां से बाहर
रन बरसा कर खूब बन गए गिल्ली नाहर
दिव्यदृष्टि दिलशान बहुत ही जोर लगाए
फिर भी अपनी हार चौधरी बचा न पाए

कांग्रेस कर लेगी उससे फौरन कुट्टी

मनमोहन ने दे दिया साफ-साफ संदेश
मंत्रालय खातिर उन्हें भाये नहीं कलेश
भाये नहीं कलेश करें बेशक फरमाइश
ब्लैकमेल की नहीं मगर कोई गुंजाइश
दिव्यदृष्टि जो नहीं पिये गठबंधन घुट्टी
कांग्रेस कर लेगी उससे फौरन कुट्टी

शुक्रवार, 22 मई 2009

पहले जैसे हैं नहीं मनमोहन 'कमजोर'

पहले जैसे हैं नहीं मनमोहन 'कमजोर'
इस चुनाव में ऊर्जा काफी लिए बटोर
काफी लिए बटोर, नहीं कोई लाचारी
मिला समर्थन उन्हें बिना मांगे ही भारी
दिव्यदृष्टि यह सच्चाई करुणा पहचानें
कुनबे खातिर रार नहीं वह नाहक ठानें

गुरुवार, 21 मई 2009

मनमोहन से चल रहा मोलभाव का दौर

मनमोहन से चल रहा मोलभाव का दौर
सब सहयोगी चाहते सुखद सियासी कौर
सुखद सियासी कौर, मांगते सभी रसीले
बिगड़ न जाए स्वाद अत: बन रहे हठीले
दिव्यदृष्टि कर रहे समर्थक शोर-शराबा
दो मनमाफिक माल, चलाना है यदि ढाबा

बुधवार, 20 मई 2009

ममता मैडम ने किया इच्छा का इजहार

ममता मैडम ने किया इच्छा का इजहार
उनको मंत्रालय मिलें मधुर मलाईदार
मधुर मलाईदार, रसायन, रेल, उर्वरक
दीजे लोहा हेल्थ रहे तृणमूल चकाचक
दिव्यदृष्टि 'करुणा' भी करते सौदेबाजी
मांग देखकर सन्न हुए मनमोहन पा'जी

मंगलवार, 19 मई 2009

लालटेन की हो गई बहुत रोशनी मंद

कानन रोदन कीजिए लालू भाई बंद
लालटेन की हो गई बहुत रोशनी मंद
बहुत रोशनी मंद, तेल का भारी टोटा
इसीलिए तो घटा मेल का प्यारे कोटा
ससम्मान यदि मनमोहन से करते यारी
नहीं भिखारी जैसी होती दशा तुम्हारी

सोमवार, 18 मई 2009

गाएं लालू-राबड़ी मिलकर गर्दिश गान

गाएं लालू-राबड़ी मिलकर गर्दिश गान
वोटर को भाई नहीं कतई उनकी तान
कतई उनकी तान गला दोनों ने फाड़ा
फोड़ दिए नीतीश बीच में मगर नगाड़ा
दिव्यदृष्टि सूने तम्बू किस भांति सजाएं
मिलकर गर्दिश गान राबड़ी-लालू गाएं

पासवान का कारवां छूट गया है दूर

पासवान का कारवां छूट गया है दूर
हाजीपुर में हार की मार पड़ी भरपूर
मार पड़ी भरपूर, नहीं ले पाए लोहा
फिर भी जोड़ें हाथ निरंतर गाएं दोहा
दिव्यदृष्टि ऐरा-गैरा कोई पद दीजे
मनमोहनजी मगर मंत्रिमंडल में लीजे

लीडर हाथी छाप बन गए सारे चींटी

शीला अंटी ने दिया बीजेपी को पीट
पाई उसने सात में नहीं एक भी सीट
नहीं एक भी सीट, बजाई ऐसी सीटी
लीडर हाथी छाप बन गए सारे चींटी
दिव्यदृष्टि हे राम सहारा बनिए इनका
वरना बिखरेंगे बेचारे तिनका-तिनका

रविवार, 17 मई 2009

मतदाता के मन बसा मनमोहन का काम

मतदाता के मन बसा मनमोहन का काम
इसीलिए उसने दिया पुरसुकून ईनाम
पुरसुकून ईनाम मिली इस बार तरक्की
कांग्रेस की नीव हुई पहले से पक्की
दिव्यदृष्टि भारत बुलंद हो रहा टनाटन
मनमोहन का काम बसा मतदाता के मन

शांत हो गया जोश फिरा किस्मत पर पानी

किस्मत पर पानी फिरा शांत हो गया जोश
सॉलिड नेता के उड़े इस चुनाव में होश
इस चुनाव में होश, रोश में दीखे वोटर
पहुंची साउथ ब्लॉक नहीं बीजेपी मोटर
दिव्यदृष्टि परिणाम देख आहत अडवानी
शांत हो गया जोश फिरा किस्मत पर पानी

बीती ताहि बिसार, परस्पर माफ कीजिए

कनवेसिंग के मध्य जो पैदा हुई खटास
उसे भूलना ही भला, सबकी यही रटास
सबकी यही रटास, दिलों को साफ कीजिए
बीती ताहि बिसार, परस्पर माफ कीजिए
दिव्यदृष्टि हो रही एक-दूजे से विनती
आओ मिलकर करें पूर्ण जादू की गिनती

नहीं वरुण पर रासुका हेतु उचित आधार

नहीं वरुण पर रासुका हेतु उचित आधार
किया उच्चतम कोर्ट ने व्यक्त यही उद्गार
व्यक्त यही उद्गार, खार खाए थीं माया
इसीलिए नन्हें गांधी को खूब सताया
दिव्यदृष्टि यदि यही राय पहले आ जाती
हमदर्दी का वोट भाजपा भी पा जाती।

अमर प्रेम से रुष्ट हैं भाई आजम खान

रार मची रामपुर हिरोइन हलकान
अमर प्रेम से रुष्ट हैं भाई आजम खान
भाई आजम खान जया की करें खिलाफत
हुए समर्थक बागी सिर पर आई आफत
दिव्यदृष्टि बेजार बहुत है फिल्मी नारी
देगी अपनी जान अगर हारी इस बारी

शनिवार, 9 मई 2009

पब्लिक पीलीभीत की फेंके उसे उखाड़

जो शासन कानून से करता हो खिलवाड़
पब्लिक पीलीभीत की फेंके उसे उखाड़
फेंके उसे उखाड़, हमें अब वहां न रहना
जहां पड़े दुख-दर्द निरन्तर हमको सहना
दिव्यदृष्टि यह तथ्य जानती जनता सगरी
नहीं वरुण के रहने लायक माया नगरी

शुक्रवार, 8 मई 2009

एक घूंट पी शेन ने लौटाया ज्यों जाम

एक घूंट पी शेन ने लौटाया ज्यों जाम
तभी मचाने लग गए छुटभैये कोहराम
छुटभैये कोहराम कौन उनको समझाए
शैम्पेन सम्मान सहित यदि मित्र पिलाए
दिव्यदृष्टि है मानवता का यही तकाजा
फौरन गीला करें गला जयपुरिया राजा

गुरुवार, 7 मई 2009

पुलिस प्रशासन देश का अति संवेदनहीन

पुलिस प्रशासन देश का अति संवेदनहीन
नैतिकता का ग्राफ नित छूने लगा जमीन
छूने लगा जमीन, रोज पब्लिक धिक्कारे
मगर महकमा मस्त बैठकर मक्खी मारे
दिव्यदृष्टि पीड़ित महिला ने जान गंवाई
फिर भी वह इंसाफ नहीं हासिल कर पायी

बुधवार, 6 मई 2009

मुरझाएगा 'कमल' खत्म हो राम कहानी

भले प्रेम जी वोट की भीख मांगिए आप
मगर न बोलें राम को मुसलमान का बाप
मुसलमान का बाप, नहीं नफरत फैलाएं
वरना सब सेकुलर वोटर बागी हो जाएं
दिव्यदृष्टि यदि 'शेर' नहीं त्यागे नादानी
मुरझाएगा 'कमल' खत्म हो राम कहानी

सोमवार, 4 मई 2009

भगा अखाड़ा छोड़कर बसपा कैंडिडेट

भगा अखाड़ा छोड़कर बसपा कैंडिडेट
बिना लड़े ही हो गई हालत मटियामेट
हालत मटियामेट, सुनाएं किसे कहानी
हाजी को मक्कार कह रहीं माया रानी
दिव्यदृष्टि धोखेबाजी का बजा नगाड़ा
बसपा कैंडिडेट छोड़ कर भगा अखाड़ा

रविवार, 3 मई 2009

खुद अपनी ही टीम नई तैयार करेंगे

पाए धोनी गैंग में जगह नहीं श्रीशांत
हीरोइन के साथ अब खोजेंगे एकांत
खोजेंगे एकांत, यही है दिली तमन्ना
एक बार बस हां बोले डेजी बोपन्ना
दिव्यदृष्टि उससे आजीवन प्यार करेंगे
खुद अपनी ही टीम नई तैयार करेंगे

शुक्रवार, 1 मई 2009

लिए चैन की सांस मिली मोदी को राहत

मोदी को राहत मिली लिए चैन की सांस
चुभे नहीं अब कंठ में तनिक बाहरी फांस
तनिक बाहरी फांस कोर्ट ने दया दिखाई
गुजराती रायट की हो 'घर में' सुनवाई
दिव्यदृष्टि इस निर्णय से प्रतिपक्षी आहत
लिए चैन की सांस मिली मोदी को राहत

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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