गुरुवार, 21 मई 2009

मनमोहन से चल रहा मोलभाव का दौर

मनमोहन से चल रहा मोलभाव का दौर
सब सहयोगी चाहते सुखद सियासी कौर
सुखद सियासी कौर, मांगते सभी रसीले
बिगड़ न जाए स्वाद अत: बन रहे हठीले
दिव्यदृष्टि कर रहे समर्थक शोर-शराबा
दो मनमाफिक माल, चलाना है यदि ढाबा

1 टिप्पणी:

Nirmla Kapila ने कहा…

kya drishti payee hai apne to sab ki pol khol di karuna ji 9 aur mamta ji 7 seeten mang rahe hain saath me antheen mangon ki list hai steek post hai

यह मैं हूं

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