बुधवार, 30 अप्रैल 2008

पाकर परदेसी मदद गए इंडियन जीत

पाकर परदेसी मदद गए इंडियन जीत
गिरते-गिरते बच गई अंबानी की भीत
अंबानी की भीत , मीत बन ब्रेवो आए
सनत सहारा बने ' राइडर ' तीन भगाए
बादशाह के बाघ गिरे औंधे मुंह जाकर
गए इंडियन जीत मदद परदेसी पाकर

मंगलवार, 29 अप्रैल 2008

बड़बोलों का आजकल हाल काबिले गौर

माफीनामों का चला विश्व क्रिकेट में दौर
बड़बोलों का आजकल हाल काबिले गौर
हाल काबिले गौर, फिरें मिमियाते अख्तर
भारत में हरभजन नहीं कुछ उनसे कमतर
दिव्यदृष्टि दीखे दोनों की हालत खस्ता
लगा रहा चाबुक उनको अनुशासन दस्ता

सोमवार, 28 अप्रैल 2008

बहुत धुलाई तेज करे रांची का बबुआ

रांची का बबुआ करे बहुत धुलाई तेज
फैल गई बेंगलुरु में खबर सनसनीखेज
खबर सनसनीखेज सोप सीएसके रगड़े
मारे 'धोनी पाट' दाग मिट जाएं तगड़े
'दिव्यदृष्टि' काटे चिकनाई भर-भर झबुआ
बहुत धुलाई तेज करे रांची का बबुआ

डेक्कन चार्जर ने किया, गुस्से का इजहार

डेक्कन चार्जर ने किया, गुस्से का इजहार
अंबानी की टीम को, खूब लगाई मार
खूब लगाई मार, धुरंधर गिल्ली बरसे
बेचारे इंडियन, विकेट की खातिर तरसे
दिव्यदृष्टि रन बरसे, बनकर चौका छक्का
सचिन हुए मायूस, लगा फिर गहरा धक्का

रेफरी ने हरभजन को किया न कतई माफ

रेफरी ने हरभजन को किया न कतई माफ
आईपीएल से हुआ उनका पत्ता साफ
उनका पत्ता साफ , दूसरा और न चारा
इसीलिए फारूख दिखाए दिन में तारा
दिव्यदृष्टि थप्पड़ के बदले खाए लाठी
गई हेकड़ी भूल धूल फांके कद-काठी

बल्ले बल्ले हो रही जीत गए युवराज

बल्ले बल्ले हो रही जीत गए युवराज
जिंता की चिंता मिटी करें टीम पर नाज
करें टीम पर नाज बजाएं जमकर ताली
दिल्ली के दमदार पराजित हुए मोहाली
दिव्यदृष्टि सहवाग सिसकते थल्ले - थल्ले
जीत गए युवराज हो रही बल्ले बल्ले

सुपर किंग्स के शेर टाइगर मार भगाए

धोनी किस्मत के धनी जीत गए फिर आज
ट्वेंटी-20 क्रिकेट में जारी उनका राज
जारी उनका राज राइडर मुंह की खाए
सुपर किंग्स के शेर टाइगर मार भगाए
दिव्यदृष्टि हेडन दिखलाए अदा सलोनी
जीत गए फिर आज धनी किस्मत के धोनी

मुंह पर थप्पड़ जड़े उड़ी गरिमा की धज्जी

कप्तानी आई नहीं उन्हें तनिक भी रास
मोहाली में भी नहीं कर पाए कुछ खास
कर पाए कुछ खास पड़े उल्टे सब पासे
पिटे तीसरी बार हुए हरभजन रुआंसे
दिव्यदृष्टि रूठी किस्तम छाई वीरानी
उन्हें तनिक भी रास नहीं आई कप्तानी
पिटे मुंबई इंडियन हाल हुआ बेहाल
मार-मार युवराज ने लाल कर दिए गाल
लाल कर दिए गाल क्रोध में आए भज्जी
मुंह पर थप्पड़ जड़े उड़ी गरिमा की धज्जी
दिव्यदृष्टि कप्तान इस कदर आपा खोए
सुबक-सुबक श्रीशांत फील्ड के अंदर रोए

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2008

देह दिखाने की मगर नहीं मिलेगी छूट

किरकिटिया ट्रेडर भले जाएं मुम्बई लूट
देह दिखाने की मगर नहीं मिलेगी छूट
नहीं मिलेगी छूट , सुनें मस्ती बालाएं
अपना तीरे हुस्न कहीं पे और चलाएं
दिव्यदृष्टि यदि नाचेगी उत्तेजक नारी
क्रिकेट मैच में पड़ जाएगी बाधा भारी

गुरुवार, 24 अप्रैल 2008

साइमंड रह गए फिर भी कड़के

लड़ा आखिरी वक्त तक रॉयल राजस्थान
बच पाई जाकर तभी सेनापति की शान
सेनापति की शान शेन ने करके पीछा
मार लिया मैदान दिखा दक्कन को नीचा
दिव्यदृष्टि मायूस हुए लक्खन के लड़के
शतक ठोक साइमंड रह गए फिर भी कड़के

जारी लेकिन अंत तक रही खूब तकरार

मैच ' दूसरा ' भी भले गए हरभजन हार
जारी लेकिन अंत तक रही खूब तकरार
रही खूब तकरार लगाए पूरा दमखम
है ये दीगर बात रहे रन थोड़े से कम
'दिव्यदृष्टि' जो हार जमाने का मन मोहे
कुछ वैसी ही जीत विजेता के सिर सोहे

बुधवार, 23 अप्रैल 2008

आप अगर सरदार तो मैं भी हूं सरदार

आप अगर सरदार तो मैं भी हूं सरदार
असरदार दोनों बहुत इसे समझ लो यार
इसे समझ लो यार मनोहर गिल का कहना
एक म्यान में दो तलवारें मुश्किल रहना
दिव्यदृष्टि हॉकी की हुई फजीहत भद्दी
कृपा कुंवर जी करो छोड़ दो अब तो गद्दी

दिल्ली के सुल्तान ने ऐसी कसी लगाम

दिल्ली के सुल्तान ने ऐसी कसी लगाम
दकन हैदराबाद का गड़बड़ हुआ निजाम
गड़बड़ हुआ निजाम लक्ष्मण का दिल धड़के
वीरू उगले आग हृदय में शोला भड़के
चकित चार्जर दिए हार का लिखकर रुक्का
चहक चौधरी पिएं जीत का जमकर हुक्का

सोमवार, 21 अप्रैल 2008

इसीलिए झुकता रहा नित हॉकी का माथ

ज्योतिकुमारन ने किया अंधकार का साथ

इसीलिए झुकता रहा नित हॉकी का माथ

नित हॉकी का माथ धूल में मिली प्रतिष्ठा

दिखी साफ संदिग्ध सचिव की सारी निष्ठा

दिव्यदृष्टि जो दुष्ट कराए जग में हांसी

सरेआम दे दो भारत में उसको फांसी

जीत गया पंजाब से रॉयल राजस्थान

जमकर जूझे वॉटसन जयपुर के मैदान

जीत गया पंजाब से रॉयल राजस्थान

रॉयल राजस्थान झोंक दी ताकत सारी

बची शेन की शान किंग की सेना हारी

दिव्यदृष्टि युवराज बहुत करतब दिखलाए

फिर भी दूजी बार पराजय बचा न पाए

करें लड़ाई मूंछ की शेन और युवराज

करें लड़ाई मूंछ की शेन और युवराज

दुनिया में मशहूर हैं दोनों ही जांबाज

दोनों ही जांबाज एक - दूजे पर भारी

किंग इलेवन , रॉयल में हो मारामारी

हो रन की भरमार कहीं डरपेगा बल्ला

आज गुलाबी शहर में कहर बरपेगा लल्ला

करें लड़ाई मूंछ की शेन और युवराज

करें लड़ाई मूंछ की शेन और युवराज

दुनिया में मशहूर हैं दोनों ही जांबाज

दोनों ही जांबाज एक - दूजे पर भारी

किंग इलेवन , रॉयल में हो मारामारी

हो रन की भरमार कहीं डरपेगा बल्ला

आज गुलाबी शहर कहर बरपेगा लल्ला

रविवार, 20 अप्रैल 2008

बादशाह के हाथ नहीं लग पाती बाजी

रो-धोकर मिल ही गई दादा को फिर जीत

लेकिन पूरे मैच में टीम रही भयभीत

टीम रही भयभीत, रह गई सांसें थमकर

डक्कन चार्जर बने राह में बाधा जमकर

' दिव्यदृष्टि ' यदि होती बेहतर गोलंदाजी

बादशाह के हाथ नहीं लग पाती बाजी

नाचें नाइट राइडर ले मन में अरमान

गरजे सौरव गांगुली गाएं गौरव गान

नाचें नाइट राइडर ले मन में अरमान

ले मन में अरमान , शाहरुख बोलें हल्ला

धुंआधार फिर करें मैकुलम इंशाअल्ला

दिव्यदृष्टि हो ईडन में ऐसी रनबारी

विजय पताका फहराए फिर टीम हमारी।

दुनिया के दिग्गज भरे दकन चार्जर टीम

अगुवा जिसके लक्ष्मण फितरतबाज फहीम

फितरतबाज फहीम , उड़ाएं चौका छक्का

गजब करें गिलक्रिस्ट विरोधी खाएं धक्का

दिव्यदृष्टि दीखें करतब किरकिट गुनिया के

दकन चार्जर टीम भरे दिग्गज दुनिया के।

सहमे-सहमे शेन फेन फेंके रजवाड़े

रेगिस्तानी रेत से थे पहले ही त्रस्त

दिल्ली में भी नीर का हुआ न बंदोबस्त

हुआ न बंदोबस्त सरोवर सारे सूखे

मार पड़ी गंभीर गला गर्दन सब दुखे

दिव्यदृष्टि सहवाग बजाते फिरें नगाड़े

सहमे-सहमे शेन फेन फेंके रजवाड़े

मिला जीत का बाउचर

मिला जीत का बाउचर उनको आखिरकार

चैलेंजर की बच गई ढहने से दीवार

ढहने से दीवार काम परदेसी आए

किंतु सचिन की साख हरभजन बचा न पाए

दुनिया को हिलाने का जो प्लेयर देते नारा

डूब गया खुद उनकी ही किस्मत का तारा

शनिवार, 19 अप्रैल 2008

किंग्स इलेवन टीम के अगुआ हैं युवराज

एक ओर डेयरडेविल दिल्ली के सुल्तान

उधर दूसरी ओर हैं रॉयल राजस्थान

रॉयल राजस्थान , लिए कप्तान विदेशी

दोनों की मुठभेड़ कोटला में दरपेशी

दिव्यदृष्टि सहवाग , शेन की ताकत आला

देखो जीते कौन पिटे किसका दीवाला

किंग्स इलेवन टीम के अगुआ हैं युवराज

धोनी भी पहने हुए सुपर किंग्स का ताज

सुपर किंग का ताज नाज हैडन पर भारी

पर शेरे पंजाब घूमता लिए दुधारी

दिव्यदृष्टि हर हमले का देने को उत्तर

जबरदस्त तैयार दिखे पंजाबी पुत्तर

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2008

रॉयल चैलेंजर का बैठा जमकर भट्ठा

दादा का जादू चला दरक गई दीवार

एक सैकड़ा भी द्रविड़ नहीं कर सके पार

नहीं कर सके पार हुई भारी रुसवाई

पहले दिन ही पिटे पराजय पल्ले आई

दिव्यदृष्टि ऐसा छाया परदेसी पट्ठा

रॉयल चैलेंजर का बैठा जमकर भट्ठा

'दादागीरी' चले याद आ जाए नानी

सारे 'नाइट राइडर्स' हो जाओ तैयार

जज्बा जोश जुनून की दीखे पैनी धार

दीखे पैनी धार, ढहे 'दीवार' पुरानी

' दादागीरी' चले याद आ जाए नानी

दिव्यदृष्टि दिखलाओ ऐसा करतब धांसू

चैलेंजर की आंखों में आ जाए आंसू

दुनिया में मशहूर हैं राहुल द्रविड़ ' द वॉल '

उनके आगे खान की नहीं चलेगी चाल

नहीं चलेगी चाल, दाल गलने में शंका

रॉयल चैलेंजर का जग में बाजे डंका

दिव्यदृष्टि जो एक बार चंदन वन आए

राह भूल ताउम्र वही चीता मिमियाए

गुरुवार, 17 अप्रैल 2008

ले-देकर पूरी हुई टॉर्च रिले की रस्म

ले-देकर पूरी हुई टॉर्च रिले की रस्म

जोश सभी ठंडा पड़ा हुईं उमंगें भस्म

हुईं उमंगें भस्म, लगा है सदमा गहरा

डरी बिचारी देख राजपथ भारी पहरा

भले इंडिया गेट दुल्हन ओलंपिक आई

नहीं सुनाई पड़ी मगर ढोलक-शहनाई

बुधवार, 16 अप्रैल 2008

बहु एक धनवान

दिव्यदृष्टि को चाहिए बहू एक धनवान
माल करोरों का मिले जब हो कन्यादान
जब हो कन्यादान दरिद्दर घर से जाए
फ्रिज टीवी कूलर के साथ लक्ष्मी आए
मुझको देख अमीर अचम्भा होय सृष्टि को
बहू एक धनवान चाहिए दिव्यदृष्टि को

पीएम को लेकर मगर चूका उनका तीर

राजनीति में कुंवर जी कहलाते हैं मीर

पीएम को लेकर मगर चूका उनका तीर

चूका उनका तीर , पीर मनमोहन पाए

राहुल भी बेचैन बहुत फिरते खिसियाए

दिव्यदृष्टि अर्जुन की भारी हुई फजीहत

तजो चापलूसी फौरन मिल गई नसीहत

मंगलवार, 15 अप्रैल 2008

कातिल से मिलने गईं गुपचुप कारागार

उठा प्रियंका हृदय में हमदर्दी का ज्वार

कातिल से मिलने गईं गुपचुप कारागार

गुपचुप कारागार , पिता को किसने मारा

था किसका षड्यंत्र , कौन असली हत्यारा

दिव्यदृष्टि यदि नलिनी सच्ची बात बताओ

मुलाकात का मौका तुम आगे भी पाओ

सोमवार, 14 अप्रैल 2008

भज्जी के आगे दिखे गेस्ट सभी भयभीत

सिर्फ तीन दिन में लिया टेस्ट कानपुर जीत

भज्जी के आगे दिखे गेस्ट सभी भयभीत

गेस्ट सभी भयभीत , पिट गए सारे प्यादे

दादा बने ' वजीर ' साफ कर दिए इरादे

दिव्यदृष्टि है शेष अभी भी दमखम पूरा

नहीं सेलेक्टर समझें उनको कतई घूरा

शनिवार, 12 अप्रैल 2008

पांच बरस से व्याकुल है भारत की परजा

आया मेरे स्वप्न में धोतीधारी शख्स

चश्मा पहने आंख पर धीर तसल्लीबख्श

धीर तसल्लीबख्श, खड़ी थी पब्लिक घेरे

सुने सभी की बात कुटिल मुस्कान बिखेरे

तभी किसी ने कहा छोड़ दो फौरन रस्ता

चिदम्बरम आ गए बजट का लेकर बस्ता

पांच बरस के दंश से रूह रही थी कांप

नाम सुना तो वक्ष पर लगा लोटने सांप

लगा लोटने सांप, कौन-से बिल में जाऊं

भाग्य-विधाता को कैसे सूरत दिखलाऊं

आम आदमी की चिंता में जो मरता है

उसकी भी किरकिरी कहीं कोई करता है

यही सोचते खुल गई दिव्यदृष्टि की आंख

आंसू से सरसब्ज था बिस्तर, पीला पांख

बिस्तर, पीला पांख, माख था मन में भारी

रहती थोड़ी और कृपा निद्रा की जारी

काम चला लेता गुठली से उज्र न करता

आम-आदमी का रिश्ता बेमौत न मरता

बीती ताहि बिसारि के आगे की सुधि लेहु

बहुत दे चुके गुठलियां अब मीठे फल देहु

अब मीठे फल देहु विनय कर रहे दिगम्बर

यह चुनाव का वर्ष कृपा कुछ करो चिदम्बर

पांच बरस से व्याकुल है भारत की परजा

नाथ कीजिए माफ किसानों का अब करजा

वोट पटाने के बदले दे ऋण से माफी

आजादी के हो गए बरस अभी तक साठ

उसकी तुलना में बढ़ा नहीं कृषक का ठाठ

नहीं कृषक का ठाठ , खेत में घंटों खटता

बदनसीब का कर्ज नहीं तब भी है पटता

दिव्यदृष्टि जब नहीं मुक्ति की दीखे धारा

करे मृत्यु का आलिंगन तब वह बेचारा

ऐसी दशा किसान की हुई न रातोंरात

लगातार छह दशक से उसे मिली है मात

उसे मिली है मात , कभी ठगते व्यापारी

कभी बढ़े आयात फसल सीजन में भारी

कहने को तो देती है सरकार समर्थन

फिर भी रामगरीब फिरे ले खाली बर्तन

एक जून रोटी नमक एक वक्त उपवास

करते - करते काटता ' गोबर ' सूखी घास

' गोबर ' सूखी घास , आस में बैठी धनिया

चिदम्बरम सा मेहरबान आएगा बनिया

वोट पटाने के बदले दे ऋण से माफी

तब जाकर गोदान सरल हो जाए काफी

वह किसान भी नाच रहा मस्ती में भंगड़ा

बजट चुनावी कर दिया चिदंबरम ने पेश

उत्सव के माहौल में झूमे सारा देश

झूमे सारा देश, कर्ज से था जो लंगड़ा

वह किसान भी नाच रहा मस्ती में भंगड़ा

खोल खजाना मनमोहन जी भूले चावी

चिदंबरम ने पेश कर दिया बजट चुनावी

संडे सिडनी सेंचुरी आए बारम्बार

संडे सिडनी सेंचुरी आए बारम्बार

सदा सराहे सचिन को सारा ही संसार

सारा ही संसार , लगाए मिल कर नारा

ओल्ड रहेगा गोल्ड सभी नयनों का तारा

दिव्यदृष्टि हो गए हार कंगारू ठंडे

आए बारम्बार सेंचुरी सिडनी संडे

क्वालालम्पुर में हुई हिंदी विजय विराट

परचम हिन्दुस्तान का फहरा दक्षिण घाट

फहरा दक्षिण घाट , जूनियर बाजे डंका

उम्र भले उन्नीस कोहली करतब बंका

विश्वविजेता बन आए जो लड़के भाई

दिव्यदृष्टि दे रहा कोटिश: उन्हें बधाई

बात-बात पर नहीं रेड लाइट दिखलाओ

प्रणव पार्लियामेंट में देते साफ बयान

कॉमरेड सारे उसे सुनें खोल कर कान

सुनें खोल कर कान, मान लें बात हमारी

करूं न्यूक्लियर डील रहेगी चर्चा जारी

दिव्यदृष्टि इसलिए हमारा साथ निभाओ

बात-बात पर नहीं रेड लाइट दिखलाओ

हरा फाइनल में दिया एक नहीं दो बार

हरा फाइनल में दिया एक नहीं दो बार

पिटे पोन्टिंग देश में पड़ी करारी मार

पड़ी करारी मार , बिकी सस्ते में मिट्टी

देख इंडियन खेल गुम हुई सिट्टी - पिट्टी

दिव्यदृष्टि धोनी दिखलाए करतब धांसू

डूब गया ब्रिसबेन बहे कंगारू आंसू

जरा अतिथि सत्कार पॉन्टिंग सीखो बच्चा

खत्म हो गई कल भले सीबीसी सीरीज

किन्तु रहेगी विश्व को याद एक ही चीज

याद एक ही चीज, सभी कंगारू प्लेयर

ना करते व्यवहार गेस्ट से कतई फेयर

दिव्यदृष्टि यदि नाम कमाना जग में अच्छा

जरा अतिथि सत्कार पॉन्टिंग सीखो बच्चा

है क्रिकेट को सलाम उसी की है बंदगी

लो खत्म हो गई पसंद , नापसंदगी

मन में नहीं मलाल नहीं कोई गंदगी

हारा है कौन , जीत गया कौन भूलिए

है क्रिकेट को सलाम उसी की है बंदगी

सम्मान , प्यार , खेल भावना सतत बढ़े

सद्भाव , स्नेह , शांति से पनपे परिन्दगी

यह सीख दिव्यदृष्टि की मन में बसाइए

टिकती नहीं है प्रेम के आगे दरिन्दगी

लेफ्ट फ्रंट ने फिर दिया है चाबुक फटकार

लेफ्ट फ्रंट ने फिर दिया है चाबुक फटकार

किया न्यूक्लियर डील तो जाएगी सरकार

जाएगी सरकार , सोनिया , मोहन सुन लें

कोई एक विकल्प फटाफट दोनों चुन लें

दिव्यदृष्टि यदि पांच बरस चलवानी सत्ता

कर दो रद्द करार , नहीं कट जाए पत्ता

जाति-धर्म के नाम पर बांटा हिन्दुस्तान

जाति - धर्म के नाम पर बांटा हिन्दुस्तान

असंतुष्ट फिर भी रहे क्षुद्र सियासतदान

क्षुद्र सियासतदान , बुद्धि इनकी है मारी

कहीं मराठावाद कहीं पिट रहे बिहारी

दिव्यदृष्टि इस भेदभाव को छोड़ो भैया

वरना नफरत की आंधी ले डूबे नैया

हॉकी में हकले हमें लगा रहे फटकार

जीत गया बरतानिया हुई हिंद की हार

हॉकी में हकले हमें लगा रहे फटकार

लगा रहे फटकार, मार खाई है तगड़ी

दूर हुई ओलंपिक से भारत की पगड़ी

दिव्यदृष्टि सरताज पिटे निकला दीवाला

आठ दशक में आया है ऐसा दिन काला

गिल का दिल बेशर्म जरा भी नहीं पसीजे

हॉकी का बेड़ा भले हो आए दिन गर्क

बूढ़े नौकरशाह को पड़े नहीं कुछ फर्क

पड़े नहीं कुछ फर्क , तर्क कितने भी दीजे

गिल का दिल बेशर्म जरा भी नहीं पसीजे

दिव्यदृष्टि इसलिए खड़ा मत करो बखेड़ा

हो आए दिन गर्क भले हॉकी का बेड़ा

हिंदुस्तानी छोकरा पाए डेढ़ करोड़

हिन्दुस्तानी छोकरा पाए डेढ़ करोड़

वेतन सुनकर पेट में उठने लगा मरोड़

उठने लगा मरोड़ , विलायत वाले रोएं

देख इंडियन जीन , जीनियस आपा खोयें

दिव्यदृष्टि की सीख यार मत नजर लगाओ

अक्ल चाहिए असली तो भारत आ जाओ

कुर्सी तजने को नहीं गिल का दिल तैयार

कुर्सी तजने को नहीं गिल का दिल तैयार

बेशक हॉकी का यहां हो नित बंटाढार

हो नित बंटाढार , खेल का बिगड़े ढांचा

हारे हर पल टीम गाल पर पड़े तमाचा

दिव्यदृष्टि कविराय करो मत मातमपुर्सी

गिल का दिल तैयार नहीं तजने को कुर्सी

दोयम दर्जा शाहरुख अव्वल आमिर खान

दोयम दर्जा शाहरुख अव्वल आमिर खान

बात-बात में कर गए अपने-आप बखान

अपने-आप बखान , मियां मिट्ठू मिमियाए

नहीं क्रिकेट की बोली-टोली उनको भाए

दिव्यदृष्टि ' गजनी ' का गुर्गा गोरी गरजा

अव्वल आमिर खान शाहरुख दोयम दर्जा

ऊंचे पद पर बैठ कर इतना नीचा काम

ऊंचे पद पर बैठ कर इतना नीचा काम

कर सकता बेशर्म ही कोई नमक हराम

कोई नमक हराम , प्रेमिका को मरवाए

फिर गुर्गों से नष्ट तथ्य सारे करवाए

दिव्यदृष्टि वह आज गया है पाया दोषी

जब भी होगी सजा उतर जाए मदहोशी

हमदर्दी से झुके मगर वोटों की डाली

सूदखोर के जाल में जितने फंसे किसान

सोच रहा शासन उन्हें जल्दी मिले निदान

जल्दी मिले निदान , तरीका खोज निकाला

पहनाएंगे बैंक उन्हें कर्जे की माला

भले खजाना दिव्यदृष्टि हो जाए खाली

हमदर्दी से झुके मगर वोटों की डाली

सरबजीत को फिर से जीवन दान दीजिए

सुन लें मेरी इल्तिजा पाकिस्तानी सद्र

मैं उनके कानून की करता काफी कद्र

करता काफी कद्र , भरोसा मन में भारी

माफी का अहकाम करेंगे जनरल जारी

बढ़े न्याय का मान मगर बच जाए बंदा

सजा दीजिए और छोड़ फांसी का फंदा

सरबजीत को दीजिए फिर से जीवन दान

दुनिया की तारीख में बनिए आप महान

बनिए आप महान , दखल इसको मत मानें

कवानीन का अदना खादिम मुझको जानें

दिव्यदृष्टि पर बस इतना अहसान कीजिए

सरबजीत को फिर से जीवन दान दीजिए

ऐश टनाटन टन्न, मजा लूटेंगे रजनी

गंगा तट पर दीखते बुढ़ऊ परम प्रसन्न

पुत्रवधू दक्षिण चली ऐश टनाटन टन्न

ऐश टनाटन टन्न , मजा लूटेंगे रजनी

कैश खनाखन खन्न खूब भेजेगी सजनी

दिव्यदृष्टि अभिषेक अमित दीखें हरसाए

पूरे पांच करोड़ बहुरिया घर ले आए

पति के बदले हिन्द का होता हो अपमान

पति के बदले हिन्द का होता हो अपमान

नहीं रुचे सुखप्रीत को सुन ले पाकिस्तान

सुन ले पाकिस्तान, बने मत हातिमताई

किसी उग्रवादी की होगी नहीं रिहाई

दिव्यदृष्टि कुरबान भले शौहर हो जाए

मगर देश की शान नहीं कम होने पाए

होता ओछे काम का सदा बुरा परिणाम

होता ओछे काम का सदा बुरा परिणाम

अनुभव से बतला गए गुनी - मुनी सरनाम

गुनी - मुनी सरनाम , मुफ्त दे गए नसीहत

नेक काम करने से होती नहीं फजीहत

दिव्यदृष्टि करते जो हाकिम गुण्डागर्दी

हों जग में बदनाम उतर जाती है वर्दी

मदहोशी में गुम हुई शर्मा जी की अक्ल

मित्रों से करवा दिया पत्रकार का कत्ल

पत्रकार का कत्ल , जान से गई शिवानी

किन्तु फोन में टेप कर गई प्रेम कहानी

दिव्यदृष्टि अब निभे बड़े घर में याराना

उम्र कैद के साथ चारों भरे जुरमाना

ज्ञानी ध्यानी कह गए बुरी बला है लोभ

ज्ञानी ध्यानी कह गए बुरी बला है लोभ

सदा लालची व्यक्ति को होता आखिर क्शोक्ष

होता आखिर क्षोभ , मान मर्यादा खोए

मरे स्वान की मौत नरक नफरत का ढोए

दिव्यदृष्टि मिट जाए पल में नाम निशानी

बुरी बला है लोभ कह गए ज्ञानी ध्यानी

बची दुधमुंही वंदना सुखी हुए मां-बाप

बची दुधमुंही वंदना सुखी हुए मां-बाप

सेना ने फिर शौर्य की छोड़ी गहरी छाप

छोड़ी गहरी छाप , मौत को मार भगाया

पुन: वीरता पर अपनी विश्वास जगाया

दिव्यदृष्टि भगवान बने भू पर सेनानी

असहनीय है किंतु प्रशासन की नादानी

ब्यूरोक्रेसी देश की सुने खोल कर कान

ब्यूरोक्रेसी देश की सुने खोल कर कान

किसी विलासीराव पर खोले नहीं जुबान

खोले नहीं जुबान , शान में शीश झुकाए

नन्दलाल की भांति अड़ंगा नहीं लगाए

दिव्यदृष्टि हो जाए वरना ऐसी-तैसी

सुने खोल कर कान देश की ब्यूरोक्रेसी

सुपर किंग्स का नाम करेंगे रोशन माही

फिल्मों में जो हैसियत रखते रजनीकांत

धोनी को हासिल वही बतलाएं श्रीकांत

बतलाएं श्रीकांत , मुखर दें ठोस गवाही

सुपर किंग्स का नाम करेंगे रोशन माही

दिव्यदृष्टि इसलिए भूत पर करें भरोसा

वर्तमान के संग उड़ाएं इडली - डोसा

शांत बौद्धों की करे हत्या जो मतिमंद

शांत बौद्धों की करे हत्या जो मतिमंद

उसको कतई भूटिया करते नहीं पसंद

करते नहीं पसंद , मामला निजी बताते

ल्हासा की घटना पर भारी रोष जताते

दिव्यदृष्टि बेशक ओलंपिक चीन कराए

खूनी मगर मशाल न उनके हाथ थमाए।

सांसत में हैं चौधरी अकड़े हुए किसान

सांसत में हैं चौधरी अकड़े हुए किसान

बात नहीं मानी अगर मेटें नाम-निशान

मेटें नाम-निशान , बंद हो हुक्का-पानी

उधर लिए हथकड़ी खड़ी हैं माया रानी

दिव्यदृष्टि बड़बोलापन बन गया फसाना

खड़ी हो गई खाट जाट पर हँसे जमाना

पहली पारी में बिके सस्ते में ही बेर

पहली पारी में बिके सस्ते में ही बेर

एक सत्र में ही हुए सारे दिग्गज ढेर

सारे दिग्गज ढेर , शेर बन बैठे चूहे

बारी-बारी बिखरे ज्यों रेतीले ढूहे

दिव्यदृष्टि गीदड़ बनने से अच्छा भाई

अगली पारी में करना पुरजोर लड़ाई

फिर चमके स्टार खिले आंगन में तुलसी

घर वापस आई ' बहू ' चली गई जो दूर

दिखी दुबारा ' एकता ' कामयाब भरपूर

कामयाब भरपूर , हिये में हुलसी-हुलसी

फिर चमके स्टार खिले आंगन में तुलसी

दिव्यदृष्टि देखे दुनिया ' ईरानी ' जलवा

सास-बहू के साथ गौतमी खाए हलवा

बनियागीरी छोड़कर सुन लें शरद पवार

बनियागीरी छोड़कर सुन लें शरद पवार

जनता की आवाज हैं भारत में अखबार

भारत में अखबार , खबरिया देते जम कर

आईपीएल जान-समझ ले इसको थमकर

दिव्यदृष्टि यदि अधिकारों पर होगा हमला

बहिष्कार के साथ मीडिया तोड़े गमला

लगी त्याग की होड़ शिगूफा खूब निराला

मम्मी ने जब कर दिया पीएम पद ' कुर्बान '

छोटे पद का पुत्र फिर करे न क्यों बलिदान

करे न क्यों बलिदान , शान बेटे की आला

लगी त्याग की होड़ शिगूफा खूब निराला

दिव्यदृष्टि यह बात भला कैसे समझाए

मंत्री पद किस भांति महामंत्री को भाए

मस्ती में सहवाग झूम कर लिए सलामी

ट्रिपल सेंचुरी का भरे तेज तिलमिला तेल

' वीरू-वीरू स्पेशल ' चली नजफगढ़ मेल

चली नजफगढ़ मेल कूद कर बैठे हामी

मस्ती में सहवाग झूम कर लिए सलामी

रचा नया इतिहास मचा दुनिया में हल्ला

चला चेन्नई में जम कर वीरू का बल्ला

काट रहे हैं जेब नाचते जमकर भंगड़ा

चिदम्बरम देते इधर सुविधाओं का सेब

व्यापारी लेकिन उधर काट रहे हैं जेब

काट रहे हैं जेब, नाचते जमकर भंगड़ा

बैठा आंखें मूंद प्रशासन लूला-लंगड़ा

दिव्यदृष्टि क्या खूब दिखाई है हमदर्दी

महंगाई की गठरी सिर के ऊपर धर दी

जुआ बताना क्रिकेट को भाव नहीं है भद्र

खेल भावना की करें बाला साहब कद्र

जुआ बताना क्रिकेट को भाव नहीं है भद्र

भाव नहीं है भद्र , सद्र शिव सेना सुन लें

सचिन सरीखे रत्न पूर्ण भारत से चुन लें

दिव्यदृष्टि प्रतिभा पाए यदि ऊंची ' बोली '

सम्मानित हो देश ' बढ़े ' बच्चों की टोली।

पहली पत्नी का नहीं जो रख सके खयाल

पहली पत्नी का नहीं जो रख सके खयाल

सोच-समझ ले दूसरी फौरन उसकी चाल

फौरन उसकी चाल , ढाल को देखे-भाले

फिर अपनी जिन्दगी शौक से करे हवाले

दिव्यदृष्टि पायल की अब तक यही कहानी

घायल होने से पहले पढ़ उसको ' रानी '

थोड़ा मोल बढ़ाओ आका

शमा जलाएं प्यार की दिव्यदृष्टि के साथ

नफरत का नश्तर कभी नजर न आए हाथ

नजर न आए हाथ , माथ पर पड़े न लाठी

गांधी की यह बात समझ लें लोग मराठी

मानवता का मर्म यही इसको अपनाएं

दिव्यदृष्टि के साथ प्यार की शमा जलाएं

हफ्ते भर को क्या हुए दिव्यदृष्टि गुमनाम

क्रिकेटरों का बढ़ गया दुनिया भर में दाम

दुनिया भर में दाम हुई कैसी अनहोनी

आज धनी हो गए कल तलक थे जो धोनी

ऐसे में फिर कलमकार क्यों मारे फाका

करो शाह रुख थोड़ा मोल बढ़ाओ आका

मेरी रग-रग में बसा है मुंबइया प्यार

मेरी रग-रग में बसा है मुम्बइया प्यार

यहीं मुझे इज्जत मिली पाया यहीं प्रचार

पाया यहीं प्रचार , यार मुझको पहचानो

कहो कुली या डॉन मगर मजबूर न जानो

दिव्यदृष्टि बिग-बी छोरा गंगा तट वाला

बाला साहब ने जिसको नाजों से पाला

पटरी पर डगमग चले लालू जी की रेल

पे-पैनल ने कर दिया गड़बड़ सारा खेल

पटरी पर डगमग चले लालू जी की रेल

लालू जी की रेल , बीच के बाबू आहत

क्लास फोर के हाथ न आई कोई राहत

दिव्यदृष्टि हाकिम सब हड़पे दूध मलाई

बस कुल्हड़ भर छाछ हमारे हिस्से आई

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2008

संजू बाबा लें मजा शादी का भरपूर

फिरे घूमती मान्यता भरे मांग सिन्दूर

संजू बाबा लें मजा शादी का भरपूर

शादी का भरपूर , झूम कर जश्न मनाएं

साथ-साथ जीने मरने की कसमें खाएं

दिव्यदृष्टि ज्यों ही कानूनी शामत आई

मुकर गए त्यों ही मैरिज से मुन्ना भाई

उजली पहन कमीज, खाद ओबीसी डालें

जातिवाद के खेत में आरक्षण का बीज

नेता बोएं शौक से उजली पहन कमीज

उजली पहन कमीज , खाद ओबीसी डालें

फिर वोटों की फसल फायदेमंद उगा लें

ध्यान रहे पर दिव्यदृष्टि जो क्रीमी लेयर

हड़प न ले खलिहान कीजिए इतनी केयर

महंगाई की मार, झेलती पब्लिक डेली

पीएम से डीएम तलक सब दीखें लाचार

तनिक नहीं कम हो रही महंगाई की मार

महंगाई की मार , झेलती पब्लिक डेली

मगर मुनाफाखोर मौज से मलें हथेली

दिव्यदृष्टि ब्यूरोक्रेसी को नाहक कोसे

मनमोहन सरकार चल रही राम भरोसे

दिव्यदृष्टि

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