बुधवार, 16 अप्रैल 2008

बहु एक धनवान

दिव्यदृष्टि को चाहिए बहू एक धनवान
माल करोरों का मिले जब हो कन्यादान
जब हो कन्यादान दरिद्दर घर से जाए
फ्रिज टीवी कूलर के साथ लक्ष्मी आए
मुझको देख अमीर अचम्भा होय सृष्टि को
बहू एक धनवान चाहिए दिव्यदृष्टि को

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यह मैं हूं

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