शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

मुफ्त मशवरा लीजिए अंबानी अनमोल

मुफ्त मशवरा लीजिए अंबानी अनमोल
नहीं बेवजह पीटिए आप सियासी ढोल
आप सियासी ढोल, ठाकरे बाला बोलें
'धंधा' करें मुकेश जहर कतई ना घोलें
दिव्यदृष्टि के लहजे को मत मानें टाइट
पॉलिटिक्स पर नेताओं का कॉपीराइट

गुरुवार, 28 जनवरी 2010

भाई शरद पवार कारगर खोजो रस्ता

महंगाई से कर रही जनता हाहाकार
उसका दर्द मिटाइए भाई शरद पवार
भाई शरद पवार कारगर खोजो रस्ता
राजनीति में वरना बंध जाएगा बस्ता
दिव्यदृष्टि इसलिए सीख है यही हमारी
ब्लेम गेम की जगह कीजिए छापेमारी

खेलकूद की उम्र में नहीं करूंगी ब्याह

खेलकूद की उम्र में नहीं करूंगी ब्याह
साफ सानिया ने कही यही हमारी चाह
यही हमारी चाह मंगेतर बनो न रोड़ा
करो पढ़ाई मिर्जा बनिए काबिल थोड़ा
दिव्यदृष्टि की हो गर जल्दी भाई
बड़े शौक से कहीं कीजिए और सगाई

शुक्रवार, 22 जनवरी 2010

मैडम ने बजवा दिया उसी भक्त का बैंड

माया को जो मून पर गिफ्ट किए था लैंड
मैडम ने बजवा दिया उसी भक्त का बैंड
उसी भक्त का बैंड , खूब देवी खिसिकाई
दल से बाहर किया तुरत औकात दिखाई
दिव्यदृष्टि मत भेज ' बर्थ डे ' पर तू टुकड़ा
वरना मिले मलाल मलिन हो तेरा मुखड़ा

गुरुवार, 21 जनवरी 2010

मगर रहें 'महफूज' मित्र माया के हाथी

क्या जाने कब बन्द हो राजनीति में जिक्र
अत: मूर्तियों की लगी मायाजी को फिक्र
मायाजी को फिक्र 'सुरक्षित' रहें टनाटन
इसीलिए कर रहीं खड़ी वह नूतन पल्टन
दिव्यदृष्टि का नहीं भले ही कोई साथी
मगर रहें 'महफूज' मित्र माया के हाथी

रोज कटाये जेब बढ़े नित उसका घाटा

जब भी हैं मुंह खोलते मंत्री शरद पवार
व्यापारी की आय में आता तब ही ज्वार
आता तब ही ज्वार, आदमी खाए भाटा
रोज कटाये जेब बढ़े नित उसका घाटा
दिव्यदृष्टि जिसका बयान लाए महंगाई
उसको चलता करें फटाफट मन्नू भाई

मंगलवार, 19 जनवरी 2010

टेंट-प्रूफ हो बैठक भूलें पांच सितारा

तंबू-डेरा संस्कृति का आया फिर दौर
बीजेपी अध्यक्ष का हुक्म काबिलेगौर
हुक्म काबिलेगौर, उछाला नूतन नारा
टेंट-प्रूफ हो बैठक भूलें पांच सितारा
दिव्यदृष्टि वर्कर लीडर में कम हो दूरी
अत: सियासी झुग्गी यारो लगे जरूरी

सोमवार, 18 जनवरी 2010

नेताजी सबका नखरा क्यों रोज उठाएं

पंचर करके साइकल अमर हुए नाराज
लगे मुलायम सिंह उन्हें कहने मेलेबाज
कहने मेलेबाज, लोग नित आएं-जाएं
नेताजी सबका नखरा क्यों रोज उठाएं
दिव्यदृष्टि 'हमदर्द' बने राहों के कंकर
अमर हुए नाराज साइकल करके पंचर

'देह-दान' की डाले बसु अद्भुत परिपाटी

आजीवन करते रहे नित जनहित के काम
इसीलिए दुनिया उन्हें करती लाल सलाम
करती लाल सलाम ज्योति से जीवन रूठा
मगर मृत्यु पश्चात कर गये 'कृत्य' अनूठा
दिव्यदृष्टि अति दवित धन्य भारत की माटी
'देह-दान' की डाले बसु अद्भुत परिपाटी

गुरुवार, 14 जनवरी 2010

मंत्री जी की बात को वैज्ञानिक दें कान

मंत्री जी की बात को वैज्ञानिक दें कान
बैठक में वरना उन्हें हो सकता नुकसान
हो सकता नुकसान, व्यर्थ ही डांटे जाएं
अपमानित हों सरेआम जाहिल कहलाएं
दिव्यदृष्टि बेशक मत खाएं 'बैंगन' बीटी
किंतु भूलकर नहीं बजाएं आलिम सीटी

बुधवार, 13 जनवरी 2010

बतलाएं मी-लॉर्ड सूचना जो भी मांगे

दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया अवार्ड
प्रॉपर्टी कितनी, कहां बतलाएं मी-लॉर्ड
बतलाएं मी-लॉर्ड सूचना जो भी मांगे
पहुंचें उसके पास लिस्ट गर्दन में टांगे
दिव्यदृष्टि कुस्री हो चाहे कितनी ऊंची
फिर भी देनी पड़े मान्यवर सबको सूची

जिसने कर्जा लिया आबरू उसने खोई

बड़ा भयंकर नाम है कहते जिसे उधार
किंतु बड़ा कुख्यात है जाने सब संसार
जाने सब संसार मगर बचता नहिं कोई
जिसने कर्जा लिया आबरू उसने खोई
दिव्यदृष्टि अंजाम बड़े इसके प्रलंयकर
कहते जिसे उधार नाम है बड़ा भयंकर

रविवार, 10 जनवरी 2010

कर्नाटक में बन गए इसीलिए वे दूब

देते गंदी गालियां गौड़ा जमकर खूब
कर्नाटक में बन गए इसीलिए वे दूब
इसीलिए वे दूब, कह रहे येदियुरप्पा
थू-थू होती रोज निरंतर चप्पा-चप्पा
दिव्यदृष्टि चौथेपन में भी जरा न चेते
गौड़ा जमकर खूब गालियां गंदी देते।।

शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

मजबूरन 'बागी' बने तब हॉकी कप्तान

कर्ता-धर्ता जब नहीं दिए मांग पर ध्यान
मजबूरन 'बागी' बने तब हॉकी कप्तान
तब हॉकी कप्तान दिखाकर तेवर अपने
बोले नौकरशाह 'गोल्ड' के छोड़ें सपने
दिव्यदृष्टि जो प्लेयर पाये नहीं 'दिहाड़ी'
रहे हमेशा दूर 'कैम्प' से वही खिलाड़ी

गुरुवार, 7 जनवरी 2010

क्या जाने कब कौन कहां पर डेरा डाले

उधर बिछाई अमर ने फिर से नई बिसात
बच्चन को भाया इधर मोदी का गुजरात
मोदी का गुजरात, सियासी खेल निराले
क्या जाने कब कौन कहां पर डेरा डाले
दिव्यदृष्टि पिछले यारों पर आफत आई
फिर से नई बिसात अमर ने उधर बिछाई

बुधवार, 6 जनवरी 2010

अपमानित कर रहे रोज 'गुर्गे' घरवाले

दुबई जाकर अमर ने भेज दिया संदेश
खतरे में जीवन पड़ा यह उनको अंदेश
यह उनको अंदेश लगाते ठोकर ग्वाले
अपमानित कर रहे रोज 'गुर्गे' घरवाले
दिव्यदृष्टि ना मानें उन्हें मुलायम चाकर
भेज दिया संदेश अमर ने दुबई जाकर

मंगलवार, 5 जनवरी 2010

है प्रणम्य 'सहकार' लीजिये कोटि बधाई

अद्भुत गांव जमालपुर अद्भुत इसके लोग
नेकनीयती से किया सब ने मिल सहयोग
सब ने मिल सहयोग जानकर सांझी पीड़ा
उठा लिए ग्रामीण 'नव स्टेशन' का बीड़ा
दिव्यदृष्टि 'धनबाधा' भी क्या खूब हटाई
है प्रणम्य 'सहकार' लीजिये कोटि बधाई

सोमवार, 4 जनवरी 2010

बतलाये डडवाल जुर्म का 'ग्राफ' घटा है

गए साल में पुलिस ने कीता खूब कमाल
नए साल में चहक कर बतलाये डडवाल
बतलाये डडवाल जुर्म का 'ग्राफ' घटा है
घटनाओं का जाल दीखता साफ कटा है
दिव्यदृष्टि कथनी-करनी में लेकिन अन्तर
तभी उड़न-छू हुए 'जंग-जू' तीन भयंकर

शनिवार, 2 जनवरी 2010

दीख रहा लाचार भाजपा का रखवाला

पशोपेश में गडकरी बुरा हृदय का हाल
दिल्ली में मंदी पड़ी खूब सियासी चाल
खूब सियासी चाल पड़ा घाघों से पाला
दीख रहा लाचार भाजपा का रखवाला
दिव्यदृष्टि 'झंडेवाला' भी बड़े क्लेश में
बुरा हृदय का हाल गडकरी पशोपेश में

शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

शीला ने महंगा किया नए साल में नीर

दुखी दिखाई पड़ रहे मतई मिर्जा मीर
शीला ने महंगा किया नए साल में नीर
नए साल में नीर पीर से मतलब कैसा
खींच रही सरकार जेब से जबरन पैसा
दिव्यदृष्टि किस मुंह से देगा उन्हें बधाई
मतई मिर्जा मीर पड़ रहे दुखी दिखाई

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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