शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

मजबूरन 'बागी' बने तब हॉकी कप्तान

कर्ता-धर्ता जब नहीं दिए मांग पर ध्यान
मजबूरन 'बागी' बने तब हॉकी कप्तान
तब हॉकी कप्तान दिखाकर तेवर अपने
बोले नौकरशाह 'गोल्ड' के छोड़ें सपने
दिव्यदृष्टि जो प्लेयर पाये नहीं 'दिहाड़ी'
रहे हमेशा दूर 'कैम्प' से वही खिलाड़ी

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