गुरुवार, 30 अप्रैल 2009

मुर्गा तंदूरी मिले अफजल करता मांग

मुर्गा तंदूरी मिले अफजल करता मांग
भूख मिटाने के लिए उसे दीजिए टांग
उसे दीजिए टांग वरुण गांधी को हैरत
उन्हें जेल में मिली सिर्फ लौकी बेलज्जत
दिव्यदृष्टि मेहमान बना लश्कर का गुर्गा
अफजल करता मांग मिले तंदूरी मुर्गा

बुधवार, 29 अप्रैल 2009

डीटीएच के संग जोड़ लें फौरन नाता

प्रोड्यूसर हड़ताल से बंद सिनेमा हॉल
वीरानी पसरी हुई सीन हुआ विकराल
सीन हुआ विकराल दुखी दर्शक बेचारे
नई फिल्म के नहीं हो रहे कहीं नजारे
दिव्यदृष्टि मशवरा मुफ्त प्यारे बतलाता
डीटीएच के संग जोड़ लें फौरन नाता

मंगलवार, 28 अप्रैल 2009

पाकिस्तानी ढोर, तिकड़मी शोर मचाए

फंदे में ज्यों ही फंसा वहशी आदमखोर
त्यों ही मिमियाने लगा पाकिस्तानी ढोर
पाकिस्तानी ढोर, तिकड़मी शोर मचाए
मगर भेडि़ये को भारत में कौन बचाए
दिव्यदृष्टि अब न्यायालय ने राय जताई
नहीं जरा भी नाबालिग जल्लाद कसाई

माया से करना नहीं कभी भूलकर प्यार

दास कबीरा कह गए उत्तम वचन विचार
माया से करना नहीं कभी भूलकर प्यार
कभी भूलकर प्यार, नहीं छोड़े ये ठगिनी
पप्पी-झप्पी दो या बेशक बोलो भगिनी
दिव्यदृष्टि मुन्ना सीखो यह सबक सयाना
वरना जाओ जेल पड़े जमकर पछताना

सोमवार, 27 अप्रैल 2009

जान कैंसर रोग मांगता है कुर्बानी

चाहे हों धर्मात्मा या फिर ऊंचे लोग
नहीं लिए बिन छोड़ता जान कैंसर रोग
जान कैंसर रोग मांगता है कुर्बानी
दिव्यदृष्टि इसलिए छोड़कर दुनिया फानी
सज़दे में फिरोज खान ने मांगी मन्नत
अता करें अल्लाह उन्हें कदमों में जन्नत

मिस्टर धोनी हो गए एक बार फिर फेल

गिब्स और गिलक्रिस्ट ने खेला ऐसा खेल
मिस्टर धोनी हो गए एक बार फिर फेल
एक बार फिर फेल हाथ आई मायूसी
हुए समर्थक खिन्न चल पड़ी कानाफूसी
दिव्यदृष्टि दक्कन के लड़के जमकर मारे
सुपरकिंग के शेर बने बकरी बेचारे

शनिवार, 25 अप्रैल 2009

लंगड़ी घोड़ी पर मनमोहन करें सवारी

अनुभव की भारी कमी उनमें अभी जनाब
नहीं देखते इसलिए पीएम पद का ख्वाब
पीएम पद का ख्वाब, बताएं कारण राहुल
बिन बहुमत सरकार रोज रहती है ढुलमुल
दिव्यदृष्टि युवराज करें जब तक तैयारी
लंगड़ी घोड़ी पर मनमोहन करें सवारी

गुरुवार, 23 अप्रैल 2009

जियो हजारों साल तुम नन्हे सचिन महान

जियो हजारों साल तुम नन्हे सचिन महान
तुम्हें समझ कर देवता पूजे सकल जहान
पूजे सकल जहान, करे श्रद्धावश आदर
नतमस्तक हों लोग समर्थन पाओ सादर
'आउट' करने की तुमको जो करे ढिठाई
दिव्यदृष्टि उसको भी देना केक-मिठाई

सुपर गेम में यूसुफ खेल दिखाए तगड़ा

जीत न इनके पास थी, हार न उनसे दूर
दर्शक जमकर मैच का मजा लिए भरपूर
मजा लिए भरपूर, किसी को नींद न आई
देखा मुद्दत बाद मैच होते फिर टाई
सुपर गेम में यूसुफ खेल दिखाए तगड़ा
हो पाया तब कहीं शेन का भारी पलड़ा

खुली खूब तकदीर मुग्ध हैं माया रानी

माया रानी मुग्ध हैं खुली खूब तकदीर
न्यूजवीक मुखपृष्ठ पर छपते ही तस्वीर
छपते ही तस्वीर, फिरें इठलाती वामा
पेपर कहने लगे उन्हें जब से ओबामा
जोड़-तोड़ कर दिव्यदृष्टि पाएं परधानी
खुली खूब तकदीर मुग्ध हैं माया रानी

डेमोक्रेसी डांस का चला दूसरा दौर

डेमोक्रेसी डांस का चला दूसरा दौर
ईवीएम की ताल पर नाच रहे सिरमौर
नाच रहे सिरमौर भुलाकर अपनी हस्ती
थिरके सुषमा शरद घूमकर बस्ती-बस्ती
पासवान रघुवंश कहीं पर राहुल मटके
वोटर करते कैद सभी के लटके-झटके

बुधवार, 22 अप्रैल 2009

पिटे पीटरसन, खूब चला रोहित का बल्ला

चैलेंजर हारे भले, किया मगर संघर्ष
देख जुझारुपन करे विजय माल्या हर्ष
विजय माल्या हर्ष, टीम में ताकत आई
है यह दीगर बात, नहीं मंजिल छू पाई
दिव्यदृष्टि गिलक्रिस्ट इस कदर बोले हल्ला
पिटे पीटरसन, खूब चला रोहित का बल्ला

धोनी-भज्जी गौर से सुनें खोलकर कान

धोनी-भज्जी गौर से सुनें खोलकर कान
हासिल हुआ नसीब से तुम्हें पद्म सम्मान
तुम्हें पद्म सम्मान, मगर फिर भी इतराए
किया घोर अपमान नहीं उत्सव में आए
दिव्यदृष्टि है क्षम्य नहीं हरकत अनहोनी
सुनें खोलकर कान गौर से भज्जी-धोनी
व्यक्ति वर्ग से है बड़ा हर हालत में देश
स्थितियां प्रतिकूल हों या दूभर परिवेश
या दूभर परिवेश, कह गए लोग सयाने
देशभक्ति का भाव न कोई बंदिश माने
दिव्यदृष्टि यह सीख बखाने नीति सर्ग से
हर हालत में देश बड़ा है व्यक्ति वर्ग से

मंगलवार, 21 अप्रैल 2009

नहीं दिखाओ दुष्ट से ज्यादा प्यार-दुलार

नहीं दिखाओ दुष्ट से ज्यादा प्यार-दुलार
केस कसाई पर चला डालो उसको मार
डालो उसको मार, यही इन्साफ जंचेगा
साथ सुरक्षा पर अरबों का खर्च बचेगा
आतंकी को दिव्यदृष्टि जल्दी निबटाओ
ज्यादा प्यार-दुलार दुष्ट से नहीं दिखाओ

सोमवार, 20 अप्रैल 2009

बीच राह में टूटी चैलंजर की बोतल

सुपरकिंग के शेर ने मारी तेज दहाड़
चंदनवन के मेमने खाकर गिरे पछाड़
खाकर गिरे पछाड़ बहुत रोये मिमियाए
फिर भी अपनी हार पिटरसन बचा न पाए
दिव्यदृष्टि रह गया सैकड़े से कम टोटल
बीच राह में टूटी चैलंजर की बोतल

रविवार, 19 अप्रैल 2009

मस्ती में जमकर पिए सचिन जीत का जाम

धोनी को धक्का लगा, लिए कलेजा थाम
मस्ती में जमकर पिए सचिन जीत का जाम
सचिन जीत का जाम करके काम लासानी
दीखे परम प्रसन्न सहित पत्नी अंबानी
दिव्यदृष्टि चल नहीं सका चेन्नै का चक्का
लिए कलेजा थाम, लगा धोनी को धक्का

रजवाड़ों की रेल हुई साबित पैसेंजर

डटकर राहुल द्रविड़ ने खूब दिखाया खेल
विजय माल्या झूमकर चढ़े आर सी मेल
चढ़े आर सी मेल, चली रॉयल चैलेंजर
रजवाड़ों की रेल हुई साबित पैसेंजर
दिव्यदृष्टि आधी मंजिल भी पहुंच न पाई
शेन सिसकते फिरे हुई जमकर रुसवाई

परेशान हैं प्रीति, सिसकतीं शिल्पा शेट्टी

फिल्मी नायक-नायिका दीख रहे हैरान
टीमें उनकी पिट गईं मिली धूल में शान
मिली धूल में शान, हुई गुम सिट्टी-पिट्टी
परेशान हैं प्रीति, सिसकतीं शिल्पा शेट्टी
दिव्यदृष्टि फिर रहे शाह रुख मारे-मारे
सीजन-टू में गर्दिश में हैं सब के तारे

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2009

मंत्री बनने का उसे नहीं तनिक अधिकार

जो जनता की टिप्पणी करे नहीं स्वीकार
मंत्री बनने का उसे नहीं तनिक अधिकार
नहीं तनिक अधिकार तमाचा मुंह पर मारे
ऐसे जनप्रतिनिधि को जनमानस धिक्कारे
दिव्यदृष्टि शिवराज नसीहत मानें मेरी
बाहर करें निकाल मंत्रिमंडल से चेरी

फिर भी चारा चोर रोज पा रहे प्रतिष्ठा

बड़बोलेपन से जमे राजनीति में धाक
सरेआम बेशक कटे मर्यादा की नाक
मर्यादा की नाक मिटे नैतिकता-निष्ठा
फिर भी चारा चोर रोज पा रहे प्रतिष्ठा
दिव्यदृष्टि गुंडई रही यदि यूं ही चालू
लोकतंत्र को लात रोज मारेंगे लालू

भरे तिजोरी माया की दे जमकर चंदा

दलितों का है दल मगर धांसू दौलतमंद
ठोक रहे हैं आजकल बसपा में भुजदंड
बसपा में भुजदंड, कर रहे कसरत भारी
संसद जाने की हसरत ले मन में प्यारी
दिव्यदृष्टि बन जाएगा एमपी जो बंदा
भरे तिजोरी माया की दे जमकर चंदा

गुरुवार, 16 अप्रैल 2009

सपने में भी दूं नहीं कोई गलत बयान

कहें कोर्ट के सामने पकड़े दोनों कान
सपने में भी दूं नहीं कोई गलत बयान
कोई गलत बयान करें विनती करजोरे
शपथपत्र दे वरुण यही कर रहे निहोरे
बावजूद इसके न्यायालय पटा नहीं है
मिला महज पेरोल रासुका हटा नहीं है

बुधवार, 15 अप्रैल 2009

मुस्लिम मां की याद राजनीतिक मजबूरी

मुन्ना की मासूमियत लगी काबिले दाद
रैली में आई उन्हें मुस्लिम मां की याद
मुस्लिम मां की याद राजनीतिक मजबूरी
अत: वोटरों को यह कहना बहुत जरूरी
दिव्यदृष्टि सुन लें शाहिद, इमरान, घसीटा
ले नर्गिस का नाम पुलिस ने मुझको पीटा

मंगलवार, 14 अप्रैल 2009

दशा पालिर्यामेंट की फिर हो डावांडोल

यही इशारे कर रहे सब ओपिनियन पोल
दशा पालिर्यामेंट की फिर हो डावांडोल
फिर हो डावांडोल, न कोई बहुमत पाए
लुंज-पुंज सरकार पुन: भारत में आए
दिव्यदृष्टि हर गठबंधन को दीखें तारे
सब ओपिनियन पोल कर रहे यही इशारे

सोमवार, 13 अप्रैल 2009

अंग्रेजी तालीम को पड़े मुलायम लात

सपा घोषणापत्र में लिखी गई यह बात
अंग्रेजी तालीम को पड़े मुलायम लात
पड़े मुलायम लात, पिटें यूपी में टीचर
नजर न आए दफ्तर में कोई कम्प्यूटर
दिव्यदृष्टि का खेत भले रह जाए परती
लेकिन नहीं मशीन जोत पाएगी धरती

मेरी नजरों में बहुत राहुल ब्रदर महान

मेरी नजरों में बहुत राहुल ब्रदर महान
पीएम होगा एक दिन देखे हिन्दुस्तान
देखे हिन्दुस्तान बोलती बहन प्रियंका
नहीं योग्यता में उसकी है कोई शंका
प्यारी बहना दिव्यदृष्टि दे रही दुआएं
परधानी पाने से पहले पति बन जाएं

शनिवार, 11 अप्रैल 2009

नेकनीयती से दिए उद्धव साफ बयान

नेकनीयती से दिए उद्धव साफ बयान
नहीं मराठा बन सके कोई पंथ प्रधान
कोई पंथ प्रधान लोग जो करते दावा
वही मराठी मानुष से कर रहे छलावा
'दिव्यदृष्टि' सेना ने सबकी ताकत तोली
इसीलिए अडवानी के फेवर में बोली

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

कल जो जूता जगत में था पैरों की शान

कल जो जूता जगत में था पैरों की शान
आज वही अपमान का बना सही सामान
बना सही सामान दुष्ट जिस पर चल जाए
उसी सियासी लीडर की औकात घटाए
दिव्यदृष्टि बुश, टाइटलर की शामत आई
लेकर उनसे सीख संभलिए जिंदल भाई

गुरुवार, 9 अप्रैल 2009

असर दीखता साफ हुए टाइटलर टाइट

गृह मंत्री जरनैल को भले कर दिए माफ
जूतेबाजी का मगर असर दीखता साफ
असर दीखता साफ हुए टाइटलर टाइट
टिकट हाथ से गया मनाते गम डे-नाइट
दिव्यदृष्टि अब पूछ रहे पीड़ित नर-नारी
सज्जन पर कब कांग्रेस की चले कटारी

बुधवार, 8 अप्रैल 2009

लगी स्वयंवर सेल फटाफट दे दे अर्जी

शादी करना चाहतीं अब राखी सावंत
टीवी शो में इसलिए खोजेंगी वह कंत
खोजेंगी वह कंत, खुशी से पांव दबाए
करे खुशामद रोज न घूंघट मगर उठाए
दिव्यदृष्टि यदि छोड़ सके प्यारे खुदगर्जी
लगी स्वयंवर सेल फटाफट दे दे अर्जी

मंगलवार, 7 अप्रैल 2009

कलमकार हो क्रुद्ध कर रहे जूतेबाजी

पत्रकार पढ़ने लगे जबसे बूट पुराण
धैर्य टूटने के मिले तबसे ठोस प्रमाण
तबसे ठोस प्रमाण बढ़ी इतनी नाराजी
कलमकार हो क्रुद्ध कर रहे जूतेबाजी
दिव्यदृष्टि की राय सभी नेतागण मानें
जनमानस का दर्द दूर करने की ठानें

सोमवार, 6 अप्रैल 2009

उसके ऊपर मित्र रासुका कौन लगाए?

सेकुलर नेता भी करे यदि भड़काऊ बात
साफ समझना चाहिए उसके मन में घात
उसके मन में घात, कोड को धता बताए
जमकर तुष्टीकरण करे फिर वोट पटाए
दिव्यदृष्टि सुन कर चारा चोरों की बोली
धारण कर ले मौन कमीशन वाली टोली
बेच रहा है ब्लैक में रेल टिकट तत्काल
फिर भी है बेचैन वह करता फिरे मलाल
करता फिरे मलाल, खूब रोलर चलवाता
गृह मंत्री की कुर्सी यदि जालिम पा जाता
दिव्यदृष्टि जो स्वयं किंगमेकर कहलाए
उसके ऊपर मित्र रासुका कौन लगाए?

फिर भी सोई चैन से दिल्ली पुलिस महान

जहरीली दारू कई निगल चुकी है जान
फिर भी सोई चैन से दिल्ली पुलिस महान
दिल्ली पुलिस महान, नहीं बदलेगी ढर्रा
बिके नाक के नीचे उसकी बेशक ठर्रा
दिव्यदृष्टि रिश्वत की चढ़ती रोज पतीली
निगल चुकी है जान कई दारू जहरीली

रविवार, 5 अप्रैल 2009

तुमने वह टकसाल कहां लगवाई भैया

पांच साल में दस गुना बढ़ी आपकी आय
पब्लिक को बतलाइए राहुल वही उपाय
राहुल वही उपाय, समर्थक भी तो जानें
कहां करें इनवेस्ट कौन सी खोदें खानें
दिव्यदृष्टि दिन-रात जहां से झरे रुपैया
तुमने वह टकसाल कहां लगवाई भैया

शनिवार, 4 अप्रैल 2009

माफी मांगें जल्द बहुत वरना पछताएं

बेटे को यदि मेनका देतीं नेक शऊर
तो कतई होता नहीं बड़बोला मगरूर
बड़बोला मगरूर , बोलता भाषा राइट
नहीं खिलातीं उसे जेल की माया डाइट
दिव्यदृष्टि इसलिए नहीं आंसू टपकाएं
माफी मांगें जल्द बहुत वरना पछताएं

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2009

वरना लेता जान वरुण की दुष्ट कसाई

मलबारी को ज्यों मिला भाई का फरमान
त्यों ही पीलीभीत को निकल पड़ा शैतान
निकल पड़ा शैतान, कत्ल का लिए इरादा
बीच राह में मगर गया पकड़ा वह प्यादा
दिव्यदृष्टि जासूसों ने चौकसी दिखाई
वरना लेता जान वरुण की दुष्ट कसाई

गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

बाहुबली की नाक में डाले कौन नकेल

बद से बदतर हो रहा राजनीति का खेल
बाहुबली की नाक में डाले कौन नकेल
डाले कौन नकेल, निडर फिरते हत्यारे
हैं नख-दंत विहीन जांचकर्मी बेचारे
'दिव्यदृष्टि' जिसने दंगे में की अगुआई
उसे क्लीन चिट सौंप रही है सीबीआई

बुधवार, 1 अप्रैल 2009

कर लेंगे उनसे अडवानी सौदेबाजी

सुषमा बोलीं भाजपा पाये नहीं स्वराज
एनडीए की पहुंच से दूर रहेगा ताज
दूर रहेगा ताज, जरा आएं सीटें कम
फिर भी नहीं मलाल न हमको है कोई गम
दिव्यदृष्टि जीतेंगे जो छुटभैये काजी
कर लेंगे उनसे अडवानी सौदेबाजी

मुन्नाभाई भर रहे जमकर ठंडी आह

मुन्नाभाई भर रहे जमकर ठंडी आह
न्यायालय ने रोक दी संसद वाली राह
संसद वाली राह, नहीं दी कोई राहत
अर्जी खारिज हुई दिखे बेचारे आहत
'दिव्यदृष्टि' गांधीगिरी भी काम न आई
जमकर ठंडी आह भर रहे मुन्नाभाई

यह मैं हूं

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