बुधवार, 1 अप्रैल 2009

मुन्नाभाई भर रहे जमकर ठंडी आह

मुन्नाभाई भर रहे जमकर ठंडी आह
न्यायालय ने रोक दी संसद वाली राह
संसद वाली राह, नहीं दी कोई राहत
अर्जी खारिज हुई दिखे बेचारे आहत
'दिव्यदृष्टि' गांधीगिरी भी काम न आई
जमकर ठंडी आह भर रहे मुन्नाभाई

4 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत बढिया!!

आशीष कुमार 'अंशु' ने कहा…

अच्छा लिखा है

Udan Tashtari ने कहा…

बर उम्मीद नजर आती है उस सुप्रीम कोर्ट से...

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया लिखा है ...

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