बुधवार, 22 अप्रैल 2009

धोनी-भज्जी गौर से सुनें खोलकर कान

धोनी-भज्जी गौर से सुनें खोलकर कान
हासिल हुआ नसीब से तुम्हें पद्म सम्मान
तुम्हें पद्म सम्मान, मगर फिर भी इतराए
किया घोर अपमान नहीं उत्सव में आए
दिव्यदृष्टि है क्षम्य नहीं हरकत अनहोनी
सुनें खोलकर कान गौर से भज्जी-धोनी
व्यक्ति वर्ग से है बड़ा हर हालत में देश
स्थितियां प्रतिकूल हों या दूभर परिवेश
या दूभर परिवेश, कह गए लोग सयाने
देशभक्ति का भाव न कोई बंदिश माने
दिव्यदृष्टि यह सीख बखाने नीति सर्ग से
हर हालत में देश बड़ा है व्यक्ति वर्ग से

4 टिप्‍पणियां:

राजीव तनेजा ने कहा…

बिलकुल सही बात कही है जी

आशीष कुमार 'अंशु' ने कहा…

दिव्यदृष्टि यह सीख बखाने नीति सर्ग से
हर हालत में देश बड़ा है व्यक्ति वर्ग से

Satya Wachan...

Udan Tashtari ने कहा…

सटीक!!

अनिल कान्त : ने कहा…

khari baat ...sahi baat

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