शुक्रवार, 8 मई 2009

एक घूंट पी शेन ने लौटाया ज्यों जाम

एक घूंट पी शेन ने लौटाया ज्यों जाम
तभी मचाने लग गए छुटभैये कोहराम
छुटभैये कोहराम कौन उनको समझाए
शैम्पेन सम्मान सहित यदि मित्र पिलाए
दिव्यदृष्टि है मानवता का यही तकाजा
फौरन गीला करें गला जयपुरिया राजा

1 टिप्पणी:

रंजन ने कहा…

काहे हंगामा बरपा है... जब मग हाथ में लिया तो थोडे पता था कि बीयर है...एक घूंट पिया तो पता चला... फिर लौटा दिया..

यह मैं हूं

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