मंगलवार, 19 मई 2009

लालटेन की हो गई बहुत रोशनी मंद

कानन रोदन कीजिए लालू भाई बंद
लालटेन की हो गई बहुत रोशनी मंद
बहुत रोशनी मंद, तेल का भारी टोटा
इसीलिए तो घटा मेल का प्यारे कोटा
ससम्मान यदि मनमोहन से करते यारी
नहीं भिखारी जैसी होती दशा तुम्हारी

2 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

वाह क्या तीखी नज़र से तीखे तीर चला रहे हैं लाज़वाब्

epandit {Anil Tiwari} ने कहा…

vary good

यह मैं हूं

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