गुरुवार, 2 अक्तूबर 2008

60 साल में आज़ादी की यही कमाई

युवा टीम के साथ वो पहुंचे राजस्थान
जहां नज़र आए उन्हें दो-दो हिंदुस्तान
दो-दो हिंदुस्तान, एक में बरसे सोना
है दूजा बेहाल, अन्न को तरसे दोना
दिव्यदृष्टि यह दशा अचानक हुई न भाई
60 साल में आज़ादी की यही कमाई

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