गुरुवार, 19 जून 2008

मनमोहन जैसी हालत जब पल में हुई हमारी

पांच बरस की नन्हीं नातिन बोली मुझसे नाना
मुझे नाक में दम का मतलब आप जरा समझाना
बाल सुलभ निष्कपट भाव से नातिन जो कुछ बोली
मर्म समझ कर उसका मानो लगी हृदय में गोली
पास बुला कर उसको मैंने सिर पर हाथ फिराया
फिर पूछा उसके मन में ये प्रश्न कहां से आया
पलक झपकते ही पल में उसने उगली सच्चाई
बोली बुढ़िया नानी रटती बार-बार महंगाई
आम आदमी के जिसने कर दिया नाक में दम है
ऊपर से रोजी-रोटी का अवसर होता कम है
सुनकर उसका भाव ताव मेरे मन में भी आया
फिर भी अपनी मजबूरी को देख बहुत पछताया
मनमोहन जैसी हालत जब पल में हुई हमारी
स्वयं नाक में दम का मतलब समझ गई बेचारी

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