मंगलवार, 9 जून 2009

कंगारू अब क्रिकेट में नहीं रहे बेजोड़

कंगारू अब क्रिकेट में नहीं रहे बेजोड़
उनको नींबू की तरह लंका गया निचोड़
लंका गया निचोड़, होड़ से बाहर आए
रिकी पॉन्टिंग वापस लौटे मुंह लटकाए
दिव्यदृष्टि जो बहुत मारते थे कल शेखी
आज उन्हीं की दशा न उनसे जाये देखी

1 टिप्पणी:

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र ने कहा…

कहावत है जो हांकता है उसका हश्र इसी तरह से होता है. बड्डे सही कह रहे है आप . धन्यवाद.

यह मैं हूं

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