गुरुवार, 25 जून 2009

पढ़ने-लिखने में करें समय न बच्चे नष्ट

पढ़ने-लिखने में करें समय न बच्चे नष्ट
दसवीं में तो और ही होता उनको कष्ट
होता उनको कष्ट, साफ मंत्री जी कहते
नाहक माता-पिता मुफ्त टेंशन में रहते
दिव्यदृष्टि दे रहे अत: सिब्बल जी नारा
टेंथ बोर्ड से कर लें सब स्कूल किनारा

1 टिप्पणी:

परमजीत बाली ने कहा…

सामयिक रचना।

यह मैं हूं

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