गुरुवार, 11 जून 2009

सचमुच दिल्ली पुलिस ग्रेट है मेरे भाई

भले बनें डडवाल जी आप विवेकानंद
मगर महकमे में मजा मारें रिश्वतचन्द
मारें रिश्वतचन्द, 'मंथली' मोटी ऐंठें
बीट, डिवीजन में सब भ्रष्टाचारी बैठें
दिव्यदृष्टि दो नंबर की बढ़ रही कमाई
सचमुच दिल्ली पुलिस ग्रेट है मेरे भाई

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