बुधवार, 10 जून 2009

गांधी जी के चेले कतई करें न हमला

कंगारू काटें भले विदेशियों के कान
किंतु रहें खामोश सब परदेसी मेहमान
परदेसी मेहमान, कहे सरकारी अमला
गांधी जी के चेले कतई करें न हमला
दिव्यदृष्टि बेशक वे चाकू छुरियां खाएं
फिर भी वे हथियार हाथ में नहीं उठाएं

2 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

चंद शब्दों मे इतनि खरी बात कही है अभार्

बसंत आर्य ने कहा…

बेहद बढिया कवित्त है.

यह मैं हूं

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