बुधवार, 11 नवंबर 2009

लगे न उसकी पार कभी सपने में नैया

मनसे का नेता बना हिटलर की औलाद
देता है फिर भी मगर गांधी जी की दाद
गांधी जी की दाद, राजनीतिक मजबूरी
करना उनको याद इसलिए बहुत जरूरी
दिव्यदृष्टि जो दो नावों पर चलता भैया
लगे न उसकी पार कभी सपने में नैया

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