गुरुवार, 2 जुलाई 2009

बढ़े तेल के दाम, मुसीबत माथे आई

आम आदमी के लिए हुआ फैसला आम
आम बजट के पूर्व ही बढ़े तेल के दाम
बढ़े तेल के दाम, मुसीबत माथे आई
महंगी हो हर चीज न पूरी पड़े कमाई
दिव्यदृष्टि दुखियारे प्यारे कर ले फाका
ले धीरज से काम झेल सरकारी डाका

1 टिप्पणी:

अजय कुमार झा ने कहा…

ले धीरज से काम झेल सरकारी डाका,
गरीब के मन में ,कब किसने झांका...

बहुत खूब ..क्या लिखा है आपने..

यह मैं हूं

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