बुधवार, 22 जुलाई 2009

लोग कहें बेशर्म, बड़ी हरकत बचकानी

किये शर्म अल शेख में मनमोहन जो कर्म
भारत में उसको अधिक लोग कहें बेशर्म
लोग कहें बेशर्म, बड़ी हरकत बचकानी
काफी महंगी पड़े हिन्द को वह नादानी
कोतवाल को दिव्यदृष्टि ज्यों डाकू डांटे
मार रहे गीलानी त्यों ही मुंह पर चांटे

2 टिप्‍पणियां:

adwet ने कहा…

हो सकता महंगी पडे़

पर दौर कुछ बदल रहा है

कठमुल्लावाद अब

अंतिम दिन गिन रहा है

मिहिरभोज ने कहा…

बहुत खूब ....अच्छी उतारी...यदि शब्द पुष्टिकरण हटा दिया जाये तो अच्छा होगा

यह मैं हूं

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