शुक्रवार, 24 जुलाई 2009

पटना की घटना बहुत शर्मनाक है मित्र

पटना की घटना बहुत शर्मनाक है मित्र
उससे धूमिल हो रहा लोकतंत्र का चित्र
लोकतंत्र का चित्र, छेड़खानी जो करते
वह वैयक्तिक आजादी ज्वाला पर धरते
दिव्यदृष्टि युवती को कर देना निर्वसना
शर्मनाक है मित्र बहुत पटना की घटना

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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