कातिल है तो क्या हुआ आखिर है महमान
अजमल आमिर का करें अत: आप सम्मान
अत: आप सम्मान 'अतिथि देवो भव' गाएं
जल्द करें उपलब्ध अल्पसंख्यक सुविधाएं
दिव्यदृष्टि सेवा उसकी भरपूर कीजिए
पत्र-पत्रिका भेज बोरियत दूर कीजिए
गुरुवार, ९ जुलाई २००९
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
1 टिप्पणियाँ:
सही है.
एक टिप्पणी भेजें