जिनको भी थी बजट से चमत्कार की आस
उन सब के पल्ले जरा पड़ा नहीं कुछ खास
पड़ा नहीं कुछ खास, रही नाकाफी राहत
ज्यादातर बाजार प्रणव से दीखे आहत
दिव्यदृष्टि संसद में बेशक धाक जमा दी
पर प्यासे को महज ओस की बूंद थमा दी
सोमवार, ६ जुलाई २००९
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