मंगलवार, 25 अगस्त 2009

फौरन कटी पतंग की संघ थाम ले डोर

देख भाजपा की दशा शौरी करते शोर
फौरन कटी पतंग की संघ थाम ले डोर
संघ थाम ले डोर, जोर का मारे झटका
मठाधीश जो बने उसी का फोड़े मटका
दिव्यदृष्टि अनुशासन का डंडा फटकारे
कूड़ा-करकट छाप बदल दे नेता सारे

1 टिप्पणी:

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत सही लिखा।

यह मैं हूं

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