मंगलवार, 20 मई 2008

लगी पराजय हाथ शाह का सीना धड़के

कैफ दिखाए कैफियत पीटे खूब पठान
बंगाली चीते हुए जमकर लहुलूहान
जमकर लहुलूहान राइडर मुहकी खाए
खत्म हुई उम्मीद नहीं सेमी जा पाए
दिव्यदृष्टि हो गए फेल दादा के लड़के
लगी पराजय हाथ शाह का सीना धड़के

1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

सही है.

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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