सोमवार, 26 मई 2008

बने कोटला कार्तिक सचमुच तारणहार

बने कोटला कार्तिक सचमुच तारणहार
दिल्ली की नैया तभी लग पाई है पार
लग पाई है पार, बची सेमी का आशा
मगर सचिन को हुई हार से बहुत निराशा
'दिव्यदृष्टि' आखिरी चार में है यदि जाना
दोनों को ही पड़े खूब करतब दिखलाना

कोई टिप्पणी नहीं:

यह मैं हूं

यह मैं हूं

ब्लॉग आर्काइव