शुक्रवार, 30 मई 2008

नहीं सैकड़ा पार कर सके वीरू भाई

टिके न ज्यादा देर ज्यों बालू की दीवार
दुर्बल त्यों साबित हुए दिल्ली के दमदार
दिल्ली के दमदार गिरे औंधे मुंह सारे
धूल चाटते फिरे मार खाकर बेचारे
दिव्यदृष्टि रजवाड़ों ने जो रार मचाई
नहीं सैकड़ा पार कर सके वीरू भाई

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