मंगलवार, 5 अगस्त 2008

अमरनाथ की आस्था उगल रही है आग

जम्मू को जकड़े हुए सम्प्रदाय का नाग
अमरनाथ की आस्था उगल रही है आग
उगल रही है आग, जल रहा भाईचारा
फैले नित उन्माद लगे नफरत का नारा
दिव्यदृष्टि सरकार कारगर कदम उठाए
कश्मीरी घाटी वरना फिर से बंट जाए।

2 टिप्‍पणियां:

vipinkizindagi ने कहा…

achchi rachna

Suresh Chiplunkar ने कहा…

हमारे हाथ में है सिर्फ़ एक गुलाब का फ़ूल महबूबा को भेजना… फ़ूल भेजते रहो, समस्याओं का हल हो जायेगा… जय धर्मनिरपेक्षता की…

यह मैं हूं

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