शुक्रवार, 15 अगस्त 2008

अखिल और जीतेंद्र पर करे इंडिया नाज

ओलिम्पिक में छा गए हिन्दी मुक्केबाज
अखिल और जीतेंद्र पर करे इंडिया नाज
करे इंडिया नाज, 'ताज' में थोड़ी दूरी
थोड़ी मेहनत और पदक के लिए जरूरी
दिव्यदृष्टि दोनों दिखलाएं दमखम पक्का
हासिल हो तमगा छूटे दुश्मन का छक्का।

1 टिप्पणी:

संगीता पुरी ने कहा…

देखिए , पदक की श्रृंखला शुरू ही हुई है। इस बार देश का नाम रोशन हो जाए।

यह मैं हूं

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