शुक्रवार, 22 अगस्त 2008

लेने लगें वकील जब जोड़-तोड़ से काम

लेने लगें वकील जब जोड़ - तोड़ से काम
दम तोड़े इंसाफ , तब हों खुद भी बदनाम
हों खुद भी बदनाम अदालत चाबुक मारे
देख - परख करतूत बहुत उनको फटकारे
दिव्यदृष्टि उनकी सब ओछी हरकत भाई
साफ - साफ टीवी चैनल पर पड़ी दिखाई
हत्यारे के साथ मिल करें सतत ' आनंद '
हैं दुर्गुण की खान वे अधिवक्ता मतिमंद
अधिवक्ता मतिमंद , गवाहों को जो तोड़ें
तज कानूनी दांव न्याय की बांह मरोड़ें
दिव्यदृष्टि ऐसे गिद्धों की गुण्डागर्दी
खत्म अदालत करे उतारे फौरन वर्दी

1 टिप्पणी:

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

बंधुवर आपकी नजर
वास्‍तव में तीखी है
पर हमारी नजर
मीठी है मीठी।
जरा गौर फरमायें
और नीचे के लिंक
पर घूम आयें और
बतलायें वकीलों की
करतूतों की कील
कैसी लगी
http://www.moltol.in/index.php/20080623764/Khash-Feature/Advocate-Machine-of-Note-working.html

यह मैं हूं

यह मैं हूं

ब्लॉग आर्काइव