सोमवार, 8 सितंबर 2008

गुमसुम बैठे गांगुली दीख रहे नाराज

गुमसुम बैठे गांगुली दीख रहे नाराज
खस्ताहाली देखकर दुखी हुए युवराज
दुखी हुए युवराज , टीम से होकर बाहर
किए वापसी कैफ फिरें मस्ती में नाहर
दिव्यदृष्टि चाहे जो भी जीते ' ईरानी '
दादा के घर मगर रहे छाई वीरानी

1 टिप्पणी:

विवेक सिंह ने कहा…

उत्तम . मजा आगया.

यह मैं हूं

यह मैं हूं

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