बुधवार, 10 सितंबर 2008

यहीं मिली पहचान, बोलते बच्चन सादर

दिया मुंबई ने मुझे शोहरत , इज्जत मान
कलाकार के रूप में यहीं मिली पहचान
यहीं मिली पहचान , बोलते बच्चन सादर
फिर मेरा परिवार करे क्यों भला निरादर
दिव्यदृष्टि यह राज समझ लें लोग मराठी
उनके आगे तुच्छ यहां मेरी कद-काठी

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यह मैं हूं

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