मंगलवार, 2 सितंबर 2008

त्यों ही ममता के हुए तेवर फौरन नर्म

राज्यपाल गांधी पड़े ज्यों ही थोड़ा गर्म
त्यों ही ममता के हुए तेवर फौरन नर्म
तेवर फौरन नर्म, पसीना माथे आया
चली सियासी दांव देख बुद्धा की माया
दिव्यदृष्टि बिसरा कर सारी तुनुकमिजाज़ी
बातचीत के लिए हुईं टाटा से राज़ी।

2 टिप्‍पणियां:

COMMON MAN ने कहा…

badhiya hai sir

COMMON MAN ने कहा…

अफसर करने लगे जब नशे का कारोबार,
क्यों न हो फिर देश का अब फुल बंटाधार,
अब फुल बंटाधार दाग वर्दी पर डाला,
देखो तस्कर बना पुलिस का अफसर आला,
कह दानव कविराय सजा दीजिये निराली ,
खाने में दो कोकीन इन्हें भर-भर कर थाली।

यह मैं हूं

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