गुरुवार, 25 सितंबर 2008

हे बेटा अमिताभ कर्म करना तुम अच्छन

लीक-लीक गाड़ी चले लीकहिं चलें कपूत
लीक बिना तीनहिं चलें शायर , सिंह , सपूत
शायर , सिंह , सपूत , कह गए बाबा बच्चन
हे बेटा अमिताभ कर्म करना तुम अच्छन
दिव्यदृष्टि प्यारे जब तक संघर्ष करोगे
तब तक अगली पीढ़ी में आदर्श भरोगे

2 टिप्‍पणियां:

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

लीक-लीक गाड़ी चले लीकहिं चलें कपूत
लीक बिना तीनहिं चलें शायर , सिंह , सपूत
शायर , सिंह , सपूत , कह गए बाबा बच्चन
हे बेटा अमिताभ कर्म करना तुम अच्छन

वाह जी वाह सुंदर रचना शब्‍दों को बडे सहज तरीके से पिरोया है आपने बधाई हो

COMMON MAN ने कहा…

ati sundar

यह मैं हूं

यह मैं हूं

ब्लॉग आर्काइव