सोमवार, 16 मार्च 2009

हुआ न जल्दी दूर अगर रैगिंग का रोना

रैगिंग का रोना अगर हुआ न जल्दी दूर
हो जाएगी कोर्ट फिर सख्ती को मजबूर
सख्ती को मजबूर, सजा वह शासन पाए
तुरत कारगर कदम राज्य जो नहीं उठाए
दिव्यदृष्टि सूना होगा कॉलिज का कोना
हुआ न जल्दी दूर अगर रैगिंग का रोना

3 टिप्‍पणियां:

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

सही और सामयिक ।

Mired Mirage ने कहा…

बिल्कुल सही कह रहे हैं।
घुघूती बासूती

संगीता पुरी ने कहा…

बिल्‍कुल सही कहना है आपका .. बहुत बढिया।

यह मैं हूं

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