बुधवार, 28 अक्तूबर 2009

हाकिम है बेदर्द सुना मत करुण कहानी

शीला का दामन हुआ 'पावर' से लबरेज
अत: फैसले कर रहीं निठुर सनसनीखेज
निठुर सनसनीखेज, बढ़ाकर मोटर भाड़ा
मुसाफिरों का महंगाई में किया कबाड़ा
दिव्यदृष्टि हर हाल पड़े पॉकिट कटवानी
हाकिम है बेदर्द सुना मत करुण कहानी

2 टिप्‍पणियां:

अबयज़ ख़ान ने कहा…

आपने छह लाइनों में ही सारी बात कह डाली... खुदा करे शीला मैडम को भी इन पंक्तियों का मतलब समझ में आ जाए..

वाणी गीत ने कहा…

हाकिम है बेदर्द सुना मत करूँ कहानी ...बहुत सटीक कटाक्ष ...हाकिम सुन कर भी अनजान बने तो क्या किया जा सके ...!!

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